पीरियड्स के दर्द में कौन से खाने बढ़ा सकते हैं पेट की तकलीफ
मासिक धर्म के दिनों में पेट दर्द और क्रैम्प से राहत के लिए किन चीजों से बचना चाहिए, इस पर सामान्य जानकारी।
मासिक धर्म के दिनों में कई महिलाओं को पेट के निचले हिस्से में काफी दर्द होता है। कमर दर्द, पेट दर्द, उलटी, मचली और क्रैम्प जैसी दिक्कतें बढ़ने लगती हैं। यह जानकारी एक सामान्य लाइफस्टाइल लेख पर आधारित है, जिसमें किसी इलाज का दावा नहीं किया गया है।
लेख के मुताबिक, गर्भाशय की परत बाहर निकलते वक्त प्रोस्टाग्लैंडिन्स नाम के रसायन बनते हैं। इनकी वजह से गर्भाशय की मांसपेशियां सिकुड़ती हैं, जिससे पेट में तेज दर्द होता है और थकान व कमजोरी महसूस होने लगती है।
रोजमर्रा के खानपान की गलत आदतें, मानसिक तनाव और पोषक तत्वों की कमी का असर शरीर पर जल्दी दिखता है। पेट फूलना, थकान, पाचन की दिक्कतें और बेचैनी पीरियड्स को और मुश्किल बना देती हैं। इसलिए छोटी लगने वाली तकलीफों को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और डॉक्टर की सलाह से सही इलाज कराना जरूरी है।
पहली चीज प्रोसेस्ड फूड है। वेफर्स, इंस्टेंट नूडल्स और पैकेट बंद स्नैक्स बच्चों से लेकर बड़ों तक सबको पसंद आते हैं, लेकिन इनमें सोडियम होता है। लेख के मुताबिक, इनके सेवन से बेचैनी बढ़ती है और सेहत बिगड़ती है। नमक पूरी तरह बंद करने की जगह ताजी सब्जियां, फल, अनाज और दालें खाने की बात कही गई है। स्वाद के लिए नींबू और मसाले इस्तेमाल किए जा सकते हैं।
दूसरी चीज ज्यादा कैफीन है। जिन्हें सुबह उठने से रात सोने तक चाय या कॉफी पीने की आदत है, उनके लिए लेख कहता है कि इनमें मौजूद कैफीन पीरियड्स का दर्द बढ़ाता है। ज्यादा कैफीन से नींद खराब होना, एसिडिटी, धड़कन तेज होना और सीने में दर्द बढ़ना जैसी तकलीफें हो सकती हैं। इसलिए चाय-कॉफी की जगह पानी, हर्बल टी या नींबू पानी पीने की बात कही गई है। लेख के अनुसार इससे पाचन की गड़बड़ी और कब्ज से भी राहत मिलती है।
तीसरी बात घंटों भूखे रहने की है। पेट दर्द की वजह से खाने का मन नहीं करता, लेकिन लेख के मुताबिक भूखा रहने के बजाय दाल, बीन्स, अंकुरित अनाज, टोफू, पनीर, दही, सूखे मेवे, बीज और अंडे जैसी प्रोटीन और कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट वाली चीजें खाना फायदेमंद रहेगा। खून में शुगर का स्तर गिरने से चक्कर आना, चिड़चिड़ापन, थकान और कमजोरी जैसे लक्षण दिख सकते हैं, इसलिए नियमित और संतुलित आहार जरूरी बताया गया है।
लेख के आखिर में साफ लिखा है कि यह सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है और इसमें किसी इलाज का दावा नहीं है। कोई भी उपाय आजमाने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लेने को कहा गया है।