वांद्रे में MDL की मदद से खुला PMD-VK केंद्र, दिव्यांगों और बुजुर्गों को मिलेंगे सहायक उपकरण
माझगाव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड के CSR उपक्रम के तहत मुंबई के वांद्रे में प्रधानमंत्री दिव्याशा केंद्र (PMD-VK) का उद्घाटन हुआ।
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मुंबई के वांद्रे में दिव्यांग व्यक्तियों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए सहायक तकनीक और पुनर्वास सेवाएं आसान बनाने की दिशा में एक नया कदम उठाया गया है। माझगाव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL) के कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) उपक्रम के तहत वांद्रे के AYJNISHD परिसर में प्रधानमंत्री दिव्याशा केंद्र (PMD-VK) का उद्घाटन किया गया।
इस केंद्र के जरिए सहायक उपकरण और साधन उपलब्ध कराने के लिए MDL ने 3.79 करोड़ रुपये की CSR आर्थिक मदद दी है। इस उपक्रम में MDL और कृत्रिम अवयव निर्माण निगम (ALIMCO) दोनों शामिल हैं। ALIMCO दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग (DEPwD), सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के तहत काम करने वाला मिनीरत्न श्रेणी-II का केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है। इस संयुक्त उपक्रम का मुख्य मकसद सही सहायक साधनों तक लोगों की पहुंच बढ़ाना और लाभार्थियों को आत्मनिर्भर जिंदगी जीने के लिए प्रोत्साहित करना है।
भारत सरकार की संबंधित योजनाओं के हिसाब से वांद्रे का यह केंद्र जरूरतमंद दिव्यांग व्यक्तियों और वरिष्ठ नागरिकों को अलग-अलग तरह के सहायक उपकरण और साधन देगा। दिव्यांग व्यक्तियों के लिए केंद्र में मोटर वाली ट्रायसायकल, व्हीलचेयर, श्रवणयंत्र, सुगम्य छड़ी, चलने की छड़ी और दूसरे गतिशीलता और सहायक उपकरण उपलब्ध रहेंगे।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी व्हीलचेयर-कमोड, बैठने की सुविधा वाली चलने की छड़ी, कमर के लिए LS बेल्ट, घुटनों के ब्रेस, रीढ़ को सहारा देने वाले साधन और रोजमर्रा की जिंदगी आसान करने वाले दूसरे सहायक उपकरण दिए जाएंगे।
इसके अलावा केंद्र में कृत्रिम अंग बनाने के लिए 3D स्कैनिंग की सुविधा भी होगी। इस तकनीक से डिजिटल तरीके से माप और मूल्यांकन करके लाभार्थी की जरूरत के हिसाब से, मेडिकल नजरिए से सही जगह पर कृत्रिम अंग का डिजाइन बनाया जा सकेगा। उम्मीद है कि इससे कृत्रिम अंगों की सटीकता बढ़ेगी, उनका सही आकार और आरामदायक इस्तेमाल पक्का होगा और पुनर्वास के नतीजे बेहतर होंगे।
इन उपकरणों के मिलने से दिव्यांग व्यक्तियों को चलने-फिरने और रोजमर्रा के कामों की दिक्कतों से उबरने में मदद मिलेगी। साथ ही वे पढ़ाई, रोजगार और सामाजिक जीवन में ज्यादा सक्रिय हिस्सा ले सकेंगे और आत्मनिर्भर आजीविका के मौके हासिल कर सकेंगे।
वरिष्ठ नागरिकों के मामले में ये उपकरण सुरक्षित तरीके से चलने-फिरने, रोज के काम आसानी से निपटाने और नियमित जिंदगी की अलग-अलग गतिविधियों में दूसरों पर निर्भरता कम करने में मदद करेंगे। नतीजतन उनकी आजादी, आत्मसम्मान और जीवन स्तर ऊंचा उठाने में योगदान मिलेगा।
PMD-VK केंद्र के जरिए ALIMCO का लक्ष्य जरूरतमंद लाभार्थियों तक जरूरी सहायक तकनीक और पुनर्वास के उपाय पहुंचाना है। हर लाभार्थी की निजी जरूरत और भारत सरकार की लागू योजनाओं के प्रावधानों के मुताबिक सही उपकरण मिलें, इसी के लिए यह केंद्र काम करेगा। MDL और ALIMCO का यह सहयोग ऐसे भारत के निर्माण की व्यापक सोच को मजबूती देने वाला बताया गया है, जो सुलभ और समावेशी हो और सबको बराबर मौका दे।
उद्घाटन समारोह में MDL के कार्यकारी निदेशक और विभाग प्रमुख (CSR) श्री अरुण के. चंद, उप महाप्रबंधक (HR/CSR) श्री प्रदीप महादेश्वर और AYJNISHD के निदेशक डॉ. सुमन कुमार मौजूद थे। ALIMCO के महाप्रबंधक (विपणन) श्री शशी त्रिपाठी और ALIMCO मुंबई के प्रभारी श्री मृणाल कुमार भी समारोह में हाजिर थे।