ग्लास स्किन के लिए सफाई, मॉइस्चराइज़र, सनस्क्रीन और नींद पर दिया गया जोर
काँच जैसी चमकदार त्वचा की चाहत में बिना सोचे प्रोडक्ट लगाने के बजाय त्वचा की बुनियादी देखभाल और खानपान पर ध्यान देने की बात एक लेख में कही गई है।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
चेहरे पर चमक लाने के लिए बहुत सी महिलाएँ लगातार कुछ न कुछ आजमाती रहती हैं। महँगे स्किन केयर प्रोडक्ट, क्रीम और अलग-अलग ट्रीटमेंट इसी कोशिश का हिस्सा हैं। लेख में कहा गया है कि स्किन ट्रीटमेंट और नुकसान पहुँचाने वाले केमिकल के इस्तेमाल से चेहरा बहुत ज्यादा सूख जाता है।
सोशल मीडिया और दूसरी जगहों पर ग्लास स्किन शब्द अक्सर सुनने को मिलता है। इसका मतलब काँच जैसी बेदाग, साफ और चमकदार त्वचा से लिया जाता है। भारत समेत पूरी दुनिया में कोरियन स्किनकेयर रूटीन का ट्रेंड लोकप्रिय हो चुका है, और ग्लास स्किन पाने के लिए बहुत सी महिलाएँ यही रूटीन फॉलो करती हैं। लेख के मुताबिक कई बार दाग, छिद्र या त्वचा की प्राकृतिक बनावट को समझे बिना ही कोई भी प्रोडक्ट चेहरे पर लगा लिया जाता है।
लेख में यह भी कहा गया है कि चमकदार त्वचा की तस्वीरें और स्किनकेयर रूटीन के ट्रेंड बड़े पैमाने पर वायरल होने की वजह से लोग त्वचा की क्वालिटी जाने बिना प्रोडक्ट ले आते हैं। इसमें गलत स्किन केयर से बचने की बात है। साथ ही कहा गया है कि त्वचा स्वस्थ और ठीक से मॉइस्चराइज़्ड हो, तो वह रोशनी को लौटाती है, और इसके लिए सिर्फ स्किन केयर नहीं, खानपान में बदलाव भी उतना ही जरूरी है। मेकअप से ज्यादा जोर त्वचा की प्राकृतिक चमक और बनावट सुधारने पर देने को कहा गया है।
लेख के हिसाब से ग्लास स्किन की तरफ पहला कदम त्वचा को साफ रखना है। त्वचा के प्रकार के मुताबिक हल्का फेस क्लींजर इस्तेमाल करने की बात कही गई है, और बहुत महँगे क्लींजर की जगह वही लेना जो त्वचा को सूट करे। चेहरे को बार-बार या जोर से रगड़ने से मना किया गया है, क्योंकि इससे चेहरे का प्राकृतिक तेल और नमी कम हो जाती है। त्वचा ज्यादा सूखी और संवेदनशील हो तो पैच टेस्ट करके देखने को कहा गया है, ताकि त्वचा को कोई नुकसान न पहुँचे।
नमी के बारे में लेख कहता है कि हाइड्रेटिंग मॉइस्चराइज़र नियमित लगाने से त्वचा में नमी बनी रहती है। त्वचा तेलकट हो तब भी मॉइस्चराइज़र लगाना चाहिए, और वह सही तथा नॉन-कॉमेडोजेनिक होना चाहिए।
सनस्क्रीन को लेख में बहुत जरूरी बताया गया है। सूरज की अल्ट्रावायलेट किरणों से त्वचा को नुकसान, टैनिंग और समय से पहले बुढ़ापे के निशान न बढ़ें, इसके लिए अच्छी क्वालिटी का सनस्क्रीन लगाने को कहा गया है। बाहर निकलते समय SPF 30 या उससे ज्यादा का ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन लगाने की बात है, जिससे टैनिंग कम होती है।
त्वचा को ज्यादा निखरी दिखाने के लिए लेख में एक्सफोलिएशन को जरूरी बताया गया है। मृत त्वचा की कोशिकाएँ हटाने के लिए त्वचा के प्रकार के हिसाब से हल्का केमिकल एक्सफोलिएंट इस्तेमाल करने को कहा गया है। लेख में नींबू, बेकिंग सोडा या दूसरी तेज घरेलू चीजों का इस्तेमाल करने की बात भी कही गई है।
आखिर में लेख कहता है कि ग्लास स्किन के लिए सिर्फ स्किनकेयर रूटीन काफी नहीं है। पानी पीना, संतुलित आहार लेना, फल, सब्जियाँ, प्रोटीन और जरूरी पोषक तत्वों को खाने में शामिल करना और पूरी नींद लेना भी जरूरी बताया गया है। लेख में यह भी लिखा है कि यह जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है, इसमें किसी इलाज का दावा नहीं किया गया है, और कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।