शुक्रवार, 6 नवंबर 2026

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MSRTC बसों में महिलाओं को 31 दिसंबर 2026 तक बिना स्मार्ट कार्ड रियायत, सरनाईक का ऐलान

MSRTC बसों में महिलाओं को 31 दिसंबर 2026 तक बिना स्मार्ट कार्ड रियायत, सरनाईक का ऐलान
प्रताप सरनाईक | फाइल फोटो | Free Press Journal
शहर PT24 शहर डेस्क

परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने NCMC स्मार्ट कार्ड की मियाद बढ़ाकर 1 जनवरी 2027 कर दी है। तब तक महिलाएं कार्ड के बिना भी रियायती किराये पर सफर कर सकेंगी।

महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने शुक्रवार को महिला यात्रियों को राहत देते हुए NCMC (नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड) स्मार्ट कार्ड बनवाने की आखिरी तारीख आगे बढ़ा दी। बस किराये में रियायत लेने के लिए यह कार्ड अब तक जरूरी किया गया था। नई मियाद 1 जनवरी 2027 तय की गई है।

मंत्री ने बताया कि महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन महामंडल (MSRTC) की बसों में महिलाएं 31 दिसंबर 2026 तक NCMC स्मार्ट कार्ड के बिना भी रियायती किराये पर सफर कर सकती हैं। यानी कार्ड न होने पर भी उनकी रियायत फिलहाल बंद नहीं होगी।

यह फैसला कई सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों, राजनीतिक नेताओं और मंत्रियों की मांग के बाद लिया गया। इन सभी ने मियाद बढ़ाने की गुजारिश की थी।

इससे पहले MSRTC ने महिलाओं और सीनियर सिटीजन के लिए सफर में रियायत लेने के वास्ते 1 अक्टूबर 2026 से NCMC स्मार्ट कार्ड जरूरी कर दिया था। महामंडल ने इसी साल की शुरुआत में कार्ड बांटना शुरू किया था, ताकि रियायत की व्यवस्था ज्यादा आसान और पारदर्शी बन सके।

सरनाईक MSRTC के प्रमुख भी हैं। उन्होंने बताया कि लोगों की मांग को देखते हुए यात्रियों को रजिस्ट्रेशन पूरा करने के लिए और वक्त दिया गया है।

सरनाईक के मुताबिक अब तक करीब 1.1 करोड़ NCMC स्मार्ट कार्ड जारी होकर बांटे जा चुके हैं। फिर भी महामंडल ने पाया कि कई महिलाओं का रजिस्ट्रेशन अभी अधूरा है। इनमें खासकर गांवों में रहने वाली महिलाएं शामिल हैं।

इस दिक्कत को दूर करने के लिए MSRTC स्थानीय जनप्रतिनिधियों, यात्री संगठनों और ग्राम पंचायत के अधिकारियों की मदद से एक खास रजिस्ट्रेशन मुहिम चलाएगा। महामंडल ने 31 दिसंबर 2026 तक सौ फीसदी रजिस्ट्रेशन पूरा करने का लक्ष्य रखा है।

MSRTC देश के सबसे बड़े सरकारी सार्वजनिक परिवहन उपक्रमों में गिना जाता है। उसके बेड़े में करीब 15,000 बसें हैं और वह रोजाना लगभग 55 लाख यात्रियों को सफर कराता है।

अधिकारियों के मुताबिक इस बढ़ी हुई मियाद से महिला यात्रियों को स्मार्ट कार्ड बनवाने का और वक्त मिलेगा और उन्हें सस्ते बस किराये से हाथ नहीं धोना पड़ेगा।

MSRTC पहले भी पात्र यात्रियों से कह चुका है कि वे तय मियाद के भीतर अधिकृत रजिस्ट्रेशन सेंटर पर जाकर जरूरी कागजी कार्रवाई पूरी कर लें। गांवों में रहने वाले लोग खास रजिस्ट्रेशन कैंप की जानकारी के लिए अपने पंचायत समिति या ग्राम पंचायत दफ्तर में भी पूछताछ कर सकते हैं।

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