लोअर परेल बीडीडी चाल के 557 निवासियों को मिली 500 वर्ग फुट के 2 बीएचके घर की चाबी
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों लोअर परेल में 557 पुनर्वास फ्लैट सौंपे गए। 160 वर्ग फुट की झोपड़ी में रहने वालों को अब मुफ्त मालिकाना हक वाला घर मिला है।
बरसों से अपने पक्के घर का इंतजार कर रहे बीडीडी चाल के निवासियों की भटकन आखिरकार खत्म हो गई। बीडीडी चाल पुनर्विकास के तहत लोअर परेल के 557 निवासियों को उनके हक के घर मिल गए हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों इन 557 पुनर्वास फ्लैटों का वितरण किया गया। घर की चाबी हाथ में आते ही निवासियों की दिवाली मीठी हो गई। इसे सरकार की तरफ से इन निवासियों को मिला सबसे बड़ा तोहफा बताया जा रहा है।
यह कार्यक्रम आज दोपहर 12 बजे यशवंतराव चव्हाण सेंटर में हुआ। मुख्यमंत्री फडणवीस के साथ उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार भी मौजूद थे। पुनर्विकास के पहले चरण की तीन इमारतों का काम पूरा हो चुका है। जो निवासी पहले 160 वर्ग फुट के कमरे में रहते थे, उन्हें अब 500 वर्ग फुट का घर दिया गया है। पात्र निवासियों को यह फ्लैट मालिकाना हक के साथ मुफ्त मिला है।
ना. म. जोशी मार्ग, लोअर परेल बीडीडी चाल पुनर्विकास परियोजना की जगह 13.49 एकड़ है। यहां भू-तल और तीन मंजिल की 32 चालों में 160 वर्ग फुट के फ्लैटों में 2560 किराएदार और निवासी रहते थे। दो से तीन पीढ़ियों से 160 वर्ग फुट के कमरे में रह रहे पात्र निवासियों को म्हाडा के जरिए पुनर्वास इमारत में 500 वर्ग फुट चटई क्षेत्रफल का 2 बीएचके फ्लैट मालिकाना आधार पर मुफ्त दिया गया है।
इन घरों में सारी सुविधाएं हैं। फ्लैट में विट्रीफाइड टाइल, एल्युमिनियम फ्रेम की खिड़कियां, ग्रेनाइट का किचन ओटा, अग्निरोधक प्रणाली और ब्रांडेड प्लंबिंग फिटिंग्स लगी हैं। इमारतें भूकंपरोधक तकनीक पर खड़ी की गई हैं। हर इमारत में दो पैसेंजर लिफ्ट और एक फायर लिफ्ट है, और सुरक्षा के लिहाज से हर मंजिल पर सीसीटीवी लगा है। परियोजना में तीन मंजिल की बेसमेंट पार्किंग, स्टिल्ट एरिया, एक पोडियम और चौड़ी सीढ़ियां भी हैं।
यह पुनर्विकास दो चरणों में हो रहा है। इसमें 22 मंजिल की पुनर्वास इमारतों के 14 विंग बनाए जा रहे हैं। पहले चरण में 7 विंग और एक हॉस्पिटल इमारत शामिल है। इनमें से 3 विंग के 557 फ्लैटों की चाबियां मुख्यमंत्री के हाथों सौंपी गईं। बाकी 4 विंग के 684 फ्लैटों का काम आखिरी दौर में है और उसे फरवरी 2026 में पूरा करने की योजना है। कुल जमीन का करीब 65 प्रतिशत हिस्सा पुनर्वास के लिए इस्तेमाल हुआ है।
दूसरे चरण में 15 चालों के 1200 दुकानधारकों की पात्रता तय हो चुकी है। पात्र निवासियों को हर महीने 39 हजार रुपये संक्रमण किराया दिया जा रहा है।
बड़ी तस्वीर देखें तो मुंबई में वरली, लोअर परेल और नायगांव की 195 चालों का पुनर्विकास 86 एकड़ जमीन पर हो रहा है। इससे 15 हजार 593 निवासियों का पुनर्वास होना है। वरली में अब तक 1975 फ्लैटों का वितरण हो चुका है और नायगांव में 1401 का। अब लोअर परेल के 557 फ्लैट इसमें जुड़ गए हैं।
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