वर्धा में सूखे से निपटने के लिए हर ग्रामपंचायत में जलतारा के 100 काम, 8.33 लाख मनुष्यदिन रोजगार
वर्धा जिला परिषद ने सूखे की आशंका के बीच 521 ग्रामपंचायतों में जलतारा के काम और रोजगार का खाका तैयार किया है।
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इस साल मानसून के दौरान वर्धा जिले में बारिश कम हुई। इसलिए आने वाले दिनों में जिले के लोगों को सूखे की मार झेलनी पड़ेगी। इस मुश्किल घड़ी से निपटने और जरूरतमंद हाथों को काम देने के मकसद से जिला प्रशासन ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है।
इसी कड़ी में जिला परिषद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी पराग सोमण की परिकल्पना पर जिले की हर ग्रामपंचायत को जलतारा के 100 काम लेने की सूचना दी गई है। जिले की 521 ग्रामपंचायतों में आगे चलकर इन कामों से करीब 8.33 लाख मानव दिवस का रोजगार तैयार होगा।
बारिश की हर बूंद को सहेजा जाए और वह जमीन में उतरे, इसके लिए जलतारा एक अहम पहल मानी गई है। आने वाले समय में सूखे की आंच मजदूरों को भी झेलनी पड़ेगी। ऐसे में सूखे से लड़ना और आगे हर बूंद को जमीन में उतारना ही इसका मकसद है। सोमण ने जिले की आठों पंचायत समितियों के खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि हर ग्रामपंचायत जलतारा के 100 काम हाथ में ले। इन्हीं निर्देशों को सामने रखकर जिले की आठों तहसीलों में मुख्य रूप से ग्रामीण जल संरक्षण के ये काम किए जाएंगे। इनसे जरूरतमंदों को गांव में ही काम मिलेगा।
पांच साल के 11,479 काम मंजूर हुए हैं। वीबीजी रामजी योजना के तहत जिले में अलग-अलग काम होने हैं। 2026-27 से 2030-31 तक पांच साल में जिला परिषद, यानी ग्रामपंचायतों के जरिए, 11,479 काम करने को प्रशासन ने मंजूरी दी है। इन कामों से 20 लाख 37 हजार 440 मानव दिवस का रोजगार बनेगा। बताया गया कि प्रशासन की कोशिश है कि इनमें से ज्यादातर काम इस सूखे के दौर में ही पूरे कर लिए जाएं।
जो मांगेगा उसे काम मिलेगा। सूखे के संकट में वीबीजी रामजी योजना के तहत रोजगार के लिए पात्र हर लाभार्थी को काम देने की कोशिश जिला परिषद की ओर से होगी। पंजीकृत मजदूर जैसे ही काम की मांग दर्ज कराएगा, उस पर तुरंत कार्यवाही होगी और उस जरूरतमंद को काम उपलब्ध कराया जाएगा।
फिलहाल वीबीजी रामजी योजना के तहत जिले में 8 हजार 722 अलग-अलग काम चल रहे हैं। वहीं सूखे की स्थिति से निपटने के लिए जिला परिषद के पंचायत विभाग ने 5 हजार 762 कामों का प्रस्ताव मंजूरी के लिए जिलाधिकारी को भेजा है, ऐसा बताया गया।
इस बारे में वर्धा जिला परिषद की उपमुख्य कार्यकारी अधिकारी (पंचायत) डॉ. ज्ञानदा फणसे ने कहा, "८८ सूखे से लड़ने के मकसद से जिले की 521 ग्रामपंचायतें हर एक 100 जलतारा के काम लेंगी। जरूरतमंद ग्रामीणों को गांव में ही काम मिले, यही इसके पीछे का उद्देश्य है। जो मांगेगा, उसे काम उपलब्ध कराया जाएगा।"