वर्धा में विकास पांडे पर MPDA की कार्रवाई, नाशिकरोड जेल भेजा गया
वर्धा (शहर) पुलिस स्टेशन के रिकॉर्ड में 8 मामले दर्ज विकास सुरज पांडे के खिलाफ जिलाधिकारी ने स्थानबद्धता का आदेश जारी किया।
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वर्धा में पुलिस और प्रशासन ने गुंडा प्रवृत्ति के लोगों के खिलाफ सख्ती और तेज कर दी है। वर्धा (शहर) पुलिस स्टेशन की हद में आने वाले इतवारा बाजार इलाके के रहने वाले 31 साल के विकास सुरज पांडे को एम.पी.डी.ए. कानून के तहत स्थानबद्ध किया गया है। जिला दंडाधिकारी वान्मथी सी. ने 16.10.2025 को उसके खिलाफ स्थानबद्धता का आदेश जारी किया, जिसके बाद उसे नाशिकरोड केंद्रीय कारागार में रखा गया है।
पुलिस के मुताबिक विकास पांडे को इलाके का कुख्यात गुंडा बताया गया है। वर्धा (शहर) पुलिस स्टेशन के रिकॉर्ड में 2020 से उसके खिलाफ शरीर के खिलाफ अपराधों और हथियार कानून के कुल 8 मामले दर्ज हैं। इनमें जानलेवा हथियार साथ रखना, हथियार के साथ गाली गलौज कर जान से मारने की धमकी देना और चोट पहुंचाना, साथियों के साथ घर में घुसकर फिरौती मांगना और अश्लील गाली गलौज करते हुए गंभीर चोट पहुंचाना शामिल है। रास्ता रोककर हमला करने, चोट पहुंचाने और नुकसान करने के मामले भी हैं।
इसके अलावा गैरकानूनी भीड़ जमा कर हथियार के साथ हत्या की कोशिश का मामला है। इस मामले में MCOCA के तहत धारा बढ़ाकर अदालत में आरोपपत्र पेश किया जा चुका है। बाकी मामलों में गैरकानूनी भीड़ जमा कर घर में घुसकर चोट पहुंचाना, हथियार के साथ पत्थरबाजी कर नुकसान करना, गाली गलौज और जान से मारने की धमकी देना, इलाके में दहशत फैलाना और सार्वजनिक शांति भंग करना भी शामिल है। पुलिस का कहना है कि वह लगातार अपराध करने की आदत वाला अपराधी है। ये सभी 8 मामले अदालत में विचाराधीन हैं।
पुलिस के मुताबिक पिछले 6 साल से उसने इलाके के लोगों में अपनी जबरदस्त दहशत बना रखी थी। इस दहशत की वजह से कई पीड़ित उसके खिलाफ पुलिस स्टेशन में शिकायत देने की हिम्मत भी नहीं करते थे। इससे इलाके की शांति और कानून व्यवस्था बिगड़ी और आम जनजीवन प्रभावित हुआ। उसके खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 129 (ई) के तहत पहले प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई थी, लेकिन पता चला कि वह इस कार्रवाई को भी नहीं मानता।
इसके बाद वर्धा (शहर) के थानेदार ने महाराष्ट्र झोपड़पट्टीदादा, हाथभट्टी वाले, औषधि द्रव्य संबंधी अपराधी, खतरनाक व्यक्ति, रेत माफिया और जीवनावश्यक वस्तुओं का कालाबाजार करने वालों के घातक कृत्यों पर रोक लगाने संबंधी अधिनियम 1981 (संशोधन 2015) के तहत स्थानबद्ध करने का प्रस्ताव पुलिस अधीक्षक सौरभ कुमार अग्रवाल के जरिए जिला दंडाधिकारी वान्मथी सी. को भेजा। जिला दंडाधिकारी ने उसके लगातार किए जा रहे अपराधों को गंभीरता से लेते हुए यह आदेश जारी किया।
बीते 1 साल में पुलिस और राजस्व विभाग के आपसी तालमेल से एम.पी.डी.ए. कानून के तहत ताबड़तोड़ कार्रवाई हुई है। अवैध शराब बेचने वालों, बिक्री के लिए शराब की सप्लाई करने वालों, समाज के लिए खतरनाक गुंडा प्रवृत्ति के लोगों और रेत माफिया में इससे खौफ है। अपराधियों में चर्चा है कि अगला नंबर किसका होगा।
आने वाले त्योहार-उत्सव शांति से निपटें, इस मकसद से जिला दंडाधिकारी तथा जिलाधिकारी वान्मथी सी. और पुलिस अधीक्षक सौरभ कुमार अग्रवाल ने एम.पी.डी.ए. के तहत आगे भी कड़ी कार्रवाई के संकेत फिर दिए हैं। 2025 में कुल 18 शराब विक्रेताओं, गुंडा प्रवृत्ति के अपराधियों और रेत माफिया को इस कानून के तहत जेल भेजा गया। 2026 में अब तक 11 गुंडा प्रवृत्ति के और समाज के लिए घातक अपराधियों पर कार्रवाई हो चुकी है।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सौरभ कुमार अग्रवाल, अपर पुलिस अधीक्षक सदाशिव वाघमारे, उप विभागीय पुलिस अधिकारी सुनिल महाडीक और स्थानीय अपराध शाखा के पुलिस निरीक्षक विनोद चौधरी के मार्गदर्शन में हुई। इसे स्थानीय अपराध शाखा के पुलिस हवालदार अमोल आत्राम और आशिष महेशगौरी तथा वर्धा (शहर) पुलिस स्टेशन के पुलिस निरीक्षक नागेशकुमार चतरकर, पुलिस उपनिरीक्षक शरद गायकवाड, महिला पुलिस हवालदार वैशाली करमनकर और महिला पुलिस सिपाही करिश्मा परचाके ने अंजाम दिया। तारीख 17-10-2026।