वंचित बहुजन आघाडी के नीरज वाघमारे ने मुख्यमंत्री फडणवीस को भेजा 5 हजार रुपये का मनीऑर्डर
यवतमाल के डॉ. नीरज वाघमारे ने दिवाली के मौके पर किसानों की हालत को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को नागपुर के पते पर मनीऑर्डर भेजा।
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यवतमाल में वंचित बहुजन आघाडी के जिलाध्यक्ष और यवतमाल नगर परिषद के दल नेता डॉ. नीरज वाघमारे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पांच हजार रुपये का मनीऑर्डर भेजा है। दिवाली के वक्त किया गया यह प्रतीकात्मक आंदोलन राज्य सरकार की भूमिका के विरोध में है।
स्टोरी के मुताबिक महाराष्ट्र में अतिवृष्टि, नापिकी, कर्ज और आर्थिक संकट की वजह से किसान परेशान है। इसी पृष्ठभूमि में डॉ. वाघमारे ने यह अनोखा तरीका अपनाया और व्यंग्य भरे अंदाज में सरकार की किसान संबंधी नीतियों पर सवाल उठाए।
मनीऑर्डर सोमवार, 19 तारीख को शाम 4 बजकर 45 मिनट पर यवतमाल के मुख्य डाकघर से भेजा गया। यह इलेक्ट्रॉनिक मनीऑर्डर मुख्यमंत्री फडणवीस के नागपुर वाले पते पर रवाना किया गया। पांच हजार रुपये के साथ 250 रुपये कमिशन भी देना पड़ा, यानी कुल 5,250 रुपये अदा किए गए। इस लेनदेन की आधिकारिक डाक रसीद भी मौजूद है।
डॉ. वाघमारे का कहना है कि महाराष्ट्र का पालनहार यानी किसान आर्थिक संकट में फंसा है और उसके घर में दिवाली का दिया जलेगा या नहीं, इसकी कोई गारंटी नहीं है। उनके शब्दों में किसानों के बच्चों के चेहरे पर खुशी नहीं है और परिवारों पर कर्ज का पहाड़ खड़ा है।
ऐसे हालात में मुख्यमंत्री की दिवाली में पैसों की कमी न रहे, इसलिए उन्हें पांच हजार रुपये भेजे गए हैं, यह बात डॉ. वाघमारे ने व्यंग्य के लहजे में कही। इसी के साथ उन्होंने सरकार की संवेदनशीलता पर सवाल खड़ा किया।
डॉ. वाघमारे ने सरकार से मांग की है कि किसानों के नुकसान के पंचनामों, मुआवज़े, कर्जमुक्ति और आर्थिक मदद के मुद्दों पर वह फौरन ठोस फैसले ले।
उन्होंने यह सवाल भी किया कि किसानों के घर में अंधेरा और सत्ता में बैठे लोगों के घर में रोशनी, यह कैसा लोकतंत्र है। उनका कहना था कि अगर किसानों के आंसू पोंछे नहीं जा सकते, तो शासक कम से कम उनके दर्द का एहसास तो रखें।
डॉ. वाघमारे ने कहा, "मुख्यमंत्री महोदय, हमारे पांच हजार रुपये लीजिए, अपनी दिवाली मनाइए, लेकिन बलिराजा के उजड़े हुए संसार का क्या?"