नागपुर में भागवत बोले, कैप्टन स्मित मच्छार ने जो किया वह हिंदू स्वभाव है
नागपुर में आरएसएस के विजयादशमी कार्यक्रम में सरसंघचालक मोहन भागवत ने भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार के साहस की तारीफ की।
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नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के विजयादशमी कार्यक्रम में सरसंघचालक मोहन भागवत ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार के साहस की तारीफ की। भागवत ने कहा कि कैप्टन स्मित मच्छार ने जो किया, वह हिंदू स्वभाव है।
खबर के मुताबिक भागवत ने फ्लायदुबई विमान के भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की सूझबूझ की सराहना की। एक खतरनाक हवाई आपातकालीन हालात में उन्होंने जो प्रसंगावधान दिखाया, उसका जिक्र करते हुए भागवत ने उसे 'हिंदू स्वभाव' बताया। उन्होंने यह भी कहा कि मजबूत मूल्य किसी खास ट्रेनिंग के बिना भी मुश्किल वक्त में काम आ जाते हैं।
भागवत ने कहा कि हम सब भारतवासी एक हैं। उनके मुताबिक देश हमें कुछ देगा या नहीं, इससे बड़ी बात यह है कि हम देश के लिए क्या करेंगे। उन्होंने कहा कि ताकत होना और बलशाली होना जरूरी है। साथ ही उन्होंने कहा कि जब संघ बलसंपन्न हिंदू समाज की बात करता है, तो उसमें सभी धर्म, पंथ और विचार शामिल होते हैं।
भागवत के अनुसार इसी भावना से कैप्टन मच्छार ने हिम्मत दिखाते हुए कदम उठाया। उन्होंने कहा कि वह कदम सोच-विचार कर नहीं उठाया गया था, वह उनके स्वभाव और आचरण से निकला था।
आगे बोलते हुए सरसंघचालक ने कहा कि छोटी-छोटी बातों को लेकर हमारे बीच झगड़े खड़े करने वाले लोग तैयार बैठे हैं और हमें उनसे सावधान रहना चाहिए। भागवत ने कहा कि देश में कोई घटना होती है तो संघ पर भी आरोप लगाए जाते हैं। उनके मुताबिक उन घटनाओं से संघ का कोई वास्ता नहीं होता और संघ उनका समर्थन भी नहीं करता, फिर भी कुछ लोग संघ की ईमानदारी पर शक पैदा करने के लिए सवाल उठाते हैं।
भागवत ने कहा कि संघ के काम की बुनियाद शुद्ध सात्विक प्रेम है। उन्होंने कहा कि यह प्रेम किसी खास जाति या धर्म के लिए नहीं, बल्कि पूरे हिंदू समाज के लिए है, और हिंदू का मतलब है पूरी दुनिया से प्यार करने वाला। उन्होंने कहा कि पूरे हिंदू समाज को एकजुट और संगठित करने का काम संघ करता रहेगा।