मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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21:31 IST

UPI पर MDR को सुप्रीम कोर्ट ने रोकने से किया इनकार, केंद्र से जवाब मांगा

सुप्रीम कोर्ट ने 2000 रुपये से ऊपर के UPI मर्चेंट पेमेंट पर लगाए गए चार्ज को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र से जवाब मांगा है, लेकिन फिलहाल इस पर रोक लगाने से इनकार कर दिया।

UPI पर MDR को सुप्रीम कोर्ट ने रोकने से किया इनकार, केंद्र से जवाब मांगा
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को 2000 रुपये से ज्यादा के कुछ खास UPI पर्सन-टू-मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लगाने के केंद्र सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली एक याचिका पर केंद्र और बाकी पक्षों से जवाब मांगा है।

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची और वी मोहना की बेंच ने इस याचिका पर सुनवाई करने पर सहमति जताई और केंद्र, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया और बाकी पक्षों को चार हफ्ते के अंदर अपना जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया।

हालांकि बेंच ने केंद्र के MDR लगाने के फैसले पर कोई अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया।

केंद्र की तरफ से पेश हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एन वेंकटरमन ने बेंच को बताया कि गेटवे का इस्तेमाल करने वाले 96 प्रतिशत लोग इस चार्ज से बाहर हैं यानी उन्हें छूट मिली हुई है।

इस पर बेंच ने कहा, "यह कानूनी मुद्दे से ज्यादा एक तकनीकी मुद्दा है।"

सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी करने और पक्षों को चार हफ्ते के अंदर जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश देने के बाद, याचिकाकर्ता की तरफ से पेश वकील ने बेंच से गुजारिश की, "कृपया तब तक इस पर रोक लगा दीजिए।"

लेकिन बेंच ने कोई अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया। यह जनहित याचिका (PIL) वकील अंजन दत्ता ने दाखिल की थी।

करीब छह साल तक पूरी तरह फ्री रहे UPI पेमेंट सिस्टम को अब सरकार ने बदल दिया है। 15 अक्टूबर से UPI प्लेटफॉर्म के जरिए मर्चेंट को किए जाने वाले 2000 रुपये से ज्यादा के ट्रांसफर पर 0.4 प्रतिशत फीस लगाई जाएगी, जबकि रोजमर्रा के पर्सन-टू-पर्सन ट्रांजैक्शन और छोटे पेमेंट को इस चार्ज से साफ तौर पर बाहर रखा गया है।

75,000 रुपये और उससे ज्यादा के पेमेंट पर MDR की सीमा 300 रुपये रखी गई है।

रेलवे, टेलीकॉम, इंश्योरेंस, ईंधन और कृषि इनपुट जैसे जरूरी और कम मार्जिन वाले सेक्टर 2000 रुपये से ज्यादा के हर ट्रांजैक्शन पर 5 रुपये फ्लैट MDR देंगे।

म्यूचुअल फंड, सिक्योरिटीज और स्टॉकब्रोकर व डीलर के जरिए होने वाले पेमेंट पर 0.02 प्रतिशत MDR लगेगा, जिसकी भी सीमा 300 रुपये रखी गई है।

पर्सन-टू-पर्सन (P2P) ट्रांसफर, जो UPI के कुल ट्रांजैक्शन वॉल्यूम का 37 प्रतिशत और ट्रांजैक्शन वैल्यू का 70 प्रतिशत हैं, पर चाहे रकम कितनी भी हो, कोई चार्ज नहीं लगेगा।

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