महाराष्ट्र में 2 अक्टूबर को 20 हजार व्यापारियों का UPI पेमेंट लेने से इनकार, नो UPI डे का ऐलान
MDR चार्ज के विरोध में महाराष्ट्र के व्यापारी संगठनों ने 2 अक्टूबर को नो UPI डे मनाने का फैसला किया है, इस दिन शामिल दुकानदार UPI की जगह नकद लेंगे।
महाराष्ट्र के व्यापारी संगठनों ने UPI ट्रांजैक्शन पर लगने वाले प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी MDR शुल्क के विरोध में 2 अक्टूबर को नो UPI डे मनाने का ऐलान किया है। महाराष्ट्र चेंबर ऑफ कॉमर्स, इंडस्ट्री एंड एग्रीकल्चर यानी MCCIA के मुताबिक राज्य के करीब 20 हजार व्यापारी इस आंदोलन में शामिल हो सकते हैं। जो दुकानदार इसमें भाग लेंगे, वे उस दिन UPI की जगह सीधे नकद रकम लेने का फैसला कर सकते हैं।
व्यापारियों की नाराजगी UPI सर्विस से नहीं बल्कि 2,000 रुपये से ज्यादा के व्यापारी UPI लेनदेन पर लगने वाले 0.4 फीसदी MDR चार्ज को लेकर है। केंद्र सरकार और NPCI की जानकारी के मुताबिक यह नई व्यवस्था 15 अक्टूबर 2026 से लागू होगी। 75,000 रुपये या उससे ज्यादा के लेनदेन पर MDR की अधिकतम सीमा 300 रुपये रखी गई है।
MCCIA के अध्यक्ष रविंद्र मंगावे का कहना है कि इस अतिरिक्त चार्ज से खासकर छोटे और मध्यम व्यापारियों के कारोबार पर खर्च का बोझ बढ़ सकता है। यही वजह है कि व्यापारी संगठन इस शुल्क को वापस लेने की मांग कर रहे हैं।
जो दुकानें नो UPI डे में शामिल होंगी, वहां 2 अक्टूबर को UPI पेमेंट नहीं लिया जाएगा। ऐसे में उस दिन खरीदारी करने वाले ग्राहकों को नकद या कोई और पेमेंट का तरीका साथ रखना पड़ सकता है। कुछ व्यापारी अपना UPI QR कोड, स्कैनर और साउंड बॉक्स काले कपड़े से ढककर भी विरोध जता सकते हैं।
हालांकि इसका मतलब यह नहीं कि पूरे महाराष्ट्र में UPI सर्विस बंद हो जाएगी। यह व्यापारी संगठनों का पुकारा हुआ विरोध है, इसलिए कौन सी दुकान इसमें शामिल होगी, इसी हिसाब से ग्राहकों को UPI की सुविधा मिलेगी या नहीं, यह बदल सकता है।
केंद्र सरकार ने साफ किया है कि ग्राहकों से UPI पेमेंट के लिए MDR नहीं लिया जाएगा। MDR व्यापारी और पेमेंट इकोसिस्टम के बीच का शुल्क है। इसके अलावा व्यक्ति-से-व्यक्ति यानी P2P UPI ट्रांजैक्शन किसी भी रकम पर बिना चार्ज के होते रहेंगे। 2,000 रुपये तक के व्यापारी लेनदेन भी MDR से मुक्त रहेंगे। सरकार की जानकारी के मुताबिक करीब 96 फीसदी P2M UPI ट्रांजैक्शन पर इस चार्ज का कोई असर नहीं पड़ेगा।
महाराष्ट्र से पहले देश के दूसरे राज्यों में भी इस प्रस्तावित MDR के खिलाफ व्यापारी संगठनों ने 2 अक्टूबर को नो UPI डे मनाने की अपील की है। महाराष्ट्र में MCCIA समेत कई व्यापारी संगठनों ने इस आंदोलन को समर्थन दिया है।
ग्राहकों के लिए जरूरी बात यह है कि UPI सर्विस पूरे देश में बंद नहीं होगी, लेकिन 2 अक्टूबर को आंदोलन में शामिल व्यापारियों के पास UPI पेमेंट का विकल्प उपलब्ध नहीं होगा। इसलिए उस दिन खरीदारी करने वालों के लिए पेमेंट का दूसरा विकल्प तैयार रखना फायदेमंद रहेगा। सितंबर के आखिर में बैंकिंग से जुड़ी घटनाओं के बीच यह ऐलान हुआ है, इसलिए अक्टूबर की शुरुआत में खरीदारी या कोई और आर्थिक लेनदेन करने वाले ग्राहकों को पहले से उपलब्ध पेमेंट ऑप्शन की जानकारी रख लेनी चाहिए।
कुल मिलाकर 2 अक्टूबर 2026 को महाराष्ट्र के करीब 20 हजार व्यापारी नो UPI डे में शामिल होने वाले हैं, और इसकी मुख्य वजह 15 अक्टूबर से लागू होने वाले प्रस्तावित MDR के खिलाफ विरोध है। इसलिए ग्राहकों को यह गलतफहमी नहीं रखनी चाहिए कि UPI पूरी तरह बंद हो जाएगा, बल्कि जिस दुकान पर खरीदारी करनी है वहां उस दिन कौन से पेमेंट ऑप्शन उपलब्ध होंगे, यह पहले से जान लेना ठीक रहेगा।
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