2000 रुपये से ऊपर के UPI पेमेंट पर MDR, पेट्रोल पंप डीलर्स नाराज, सरकार से छूट की मांग
15 अक्टूबर 2026 से 2,000 रुपये से ज्यादा के कुछ UPI ट्रांजैक्शन पर 0.4% MDR लगने की खबर है, जिसका बोझ व्यापारियों पर पड़ेगा। पेट्रोल पंप डीलर्स ने इसका विरोध करते हुए सरकार से छूट मांगी है।
UPI से पेमेंट करने वालों के लिए एक जरूरी अपडेट सामने आई है। 15 अक्टूबर 2026 से 2,000 रुपये से ज्यादा रकम के कुछ UPI ट्रांजैक्शन पर 0.4% MDR यानी मर्चेंट डिस्काउंट रेट लगाया जाएगा, ऐसी जानकारी मिल रही है। खास बात यह है कि इस चार्ज का सीधा बोझ ग्राहक पर नहीं पड़ेगा, बल्कि MDR के साथ-साथ उस पर लगने वाला 18% GST भी व्यापारियों को खुद अपनी जेब से भरना होगा। इसी वजह से पेट्रोल पंप डीलर्स इस चार्ज के खिलाफ खड़े हो गए हैं।
यानी अगर कोई ग्राहक पेट्रोल, डीजल या किसी और चीज के लिए 2,000 रुपये से ज्यादा का UPI पेमेंट करता है, तो उससे अलग से MDR या GST नहीं वसूला जाएगा। लेकिन व्यापारी के खाते से यह चार्ज कट जाएगा, इसी बात को लेकर कारोबारियों में टेंशन बढ़ी है।
देश भर के पेट्रोल पंप डीलर्स ने इस UPI MDR चार्ज पर आपत्ति जताई है। डीलर्स का कहना है कि पेट्रोल पंप का कारोबार पहले से ही तय कमीशन पर चलता है, ऐसे में हर डिजिटल ट्रांजैक्शन पर अलग से चार्ज लगने से उनके मुनाफे पर असर पड़ सकता है। पेट्रोल-डीजल की बिक्री से मिलने वाला कमीशन सीमित होता है, इसलिए UPI ट्रांजैक्शन पर लगने वाला यह अतिरिक्त खर्च डीलर्स के लिए आर्थिक तौर पर बड़ी बात है। यही वजह है कि पेट्रोल पंपों को MDR से छूट देने की मांग उठाई गई है।
ऑल इंडिया पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने पेट्रोल पंपों को UPI MDR चार्ज से छूट देने की मांग की है। एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय बनसोडे ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन को इस बारे में चिट्ठी लिखी है, ऐसी जानकारी सामने आई है। इसके अलावा देश भर के पेट्रोल पंप डीलर्स के प्रतिनिधियों ने पेट्रोलियम मंत्रालय के सीनियर अफसरों के सामने भी अपनी दिक्कतें और मांगें रखी हैं। इस मुद्दे पर सरकार की तरफ से चर्चा होने की उम्मीद जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि फ्यूल सेक्टर के कुछ ट्रांजैक्शन में 2,000 रुपये से ज्यादा के UPI पेमेंट पर 0.4% की जगह ज्यादा से ज्यादा 5 रुपये का MDR लगाया जाएगा। इसका मतलब है कि पेट्रोल पंप डीलर्स के मामले में असल चार्ज 0.4% नहीं बल्कि हर योग्य ट्रांजैक्शन पर 5 रुपये तक हो सकता है। इससे बड़ी रकम के फ्यूल ट्रांजैक्शन पर भी MDR की एक तय लिमिट लागू होने की संभावना है। हालांकि इस चार्ज से कुल कितना असर पड़ेगा, यह ट्रांजैक्शन की संख्या पर निर्भर करेगा।
अगर पेट्रोल पंप डीलर्स की MDR से छूट की मांग मंजूर नहीं हुई, तो 15 अक्टूबर 2026 से 2,000 रुपये से ज्यादा रकम के UPI पेमेंट स्वीकार करने को लेकर कुछ पेट्रोल पंप संगठनों ने पहले ही चेतावनी दे दी है। मध्य प्रदेश के कुछ डीलर्स ने तो यह भी कहा है कि वे 16 अक्टूबर से 2,000 रुपये से ज्यादा का UPI पेमेंट नहीं लेंगे। हालांकि कार्ड से पेमेंट की सुविधा पहले की तरह चालू रहेगी, ऐसी जानकारी दी गई है।
अब सबकी नजर इस पर है कि सरकार पेट्रोल पंप डीलर्स की MDR से छूट की मांग मानती है या नहीं। इस बीच UPI ट्रांजैक्शन पर चार्ज को लेकर अंतिम फैसला और उसे लागू करने से जुड़ी आधिकारिक साफ जानकारी सामने आना जरूरी माना जा रहा है।
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