त्योहारों से पहले राज्यों को 1,09,019 करोड़ रुपये की अग्रिम किस्त, यूपी को सबसे ज्यादा हिस्सा
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
केंद्र सरकार ने आने वाले त्योहारों को देखते हुए टैक्स में राज्यों के हिस्से की एक अतिरिक्त किस्त जारी की है। उत्तर प्रदेश को 19,208 करोड़ रुपये मिले और महाराष्ट्र को 7022 करोड़ रुपये।
त्योहारों का सीजन सामने है और केंद्र सरकार ने राज्यों के लिए खजाना खोल दिया है। टैक्स में राज्यों के हिस्से की एक अग्रिम किस्त जारी की गई है, जिसकी रकम 1,09,019 करोड़ रुपये है। इस रकम में सबसे बड़ा हिस्सा उत्तर प्रदेश और बिहार के खाते में गया है।
वित्त मंत्रालय ने एक बयान में बताया कि आने वाले त्योहारों को देखते हुए टैक्स के हिस्से की यह अतिरिक्त किस्त जारी की गई है। मंत्रालय के मुताबिक इसका मकसद यह है कि राज्य अपना पूंजीगत खर्च तेज कर सकें और विकास या कल्याण से जुड़े खर्चों के लिए पैसा जुटा सकें।
पहले यह समझ लें कि टैक्स का बंटवारा होता क्या है। सरकार जीएसटी, इनकम टैक्स और कॉरपोरेट टैक्स के रूप में पूरे देश से जो रकम इकट्ठा करती है, उसका एक तय हिस्सा सभी राज्यों में बांटती है। यह हिस्सा फिलहाल 41% है। आम तौर पर यह रकम हर महीने की किस्तों में दी जाती है।
इस बार की किस्त उस नियमित मासिक किस्त के अलावा है। यानी यह सामान्य किस्त की जगह नहीं आई, बल्कि उसके ऊपर से दी गई एक अतिरिक्त रकम है। इसका मतलब है कि नवंबर में राज्यों को दोहरी मदद मिल रही है।
केंद्र सरकार ने यह 1,09,019 करोड़ रुपये की अतिरिक्त किस्त 31 अक्टूबर 2026 की रात को जारी की। अक्टूबर के आखिरी दिन रकम जारी होने की वजह से यह नवंबर की शुरुआत में राज्यों के खजाने में पहुंच जाएगी। राज्यों का सामान्य मासिक हिस्सा नवंबर के बीच तक देय होता है, और वह भी वक्त पर मिलेगा। इस इंतजाम का मकसद राज्य सरकारों को अपना पूंजीगत खर्च बढ़ाने और अपने कर्मचारियों का वेतन या बोनस समय पर देने में सक्षम बनाना है।
अब बात इस बात की कि किसे कितना मिला। वित्त मंत्रालय के जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक इस विशेष अग्रिम किस्त में सबसे ज्यादा रकम उत्तर प्रदेश को मिली, जबकि सबसे कम सिक्किम को। उत्तर प्रदेश के हिस्से में 19,208 करोड़ रुपये आए, जो कुल रकम का करीब 17.6% बैठता है।
दूसरी तरफ, कम आबादी और छोटे भौगोलिक इलाके वाले पूर्वोत्तर के राज्य सिक्किम को सबसे कम, यानी 365 करोड़ रुपये मिले। महाराष्ट्र को इस किस्त में 7022 करोड़ रुपये की रकम मिली है।
उत्तर प्रदेश के साथ बिहार को भी इस बंटवारे में सबसे ज्यादा हिस्सेदारी दी गई है। त्योहारों के दिनों में बाजार में नकदी का बहाव वैसे भी काफी बढ़ जाता है, ऐसे में राज्यों के लिए यह रकम अहम मानी जा रही है। इससे वे अपनी विकास परियोजनाएं आगे बढ़ा सकेंगे और कल्याणकारी योजनाओं को रफ्तार दे सकेंगे।
कमेंट
अभी कोई कमेंट नहीं। पहले आप लिखिए।