यूपी में कांग्रेस ने सपा को थमाई 200 से ज्यादा सीटों की लिस्ट, लोकसभा नतीजों से बढ़ा भरोसा
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने समाजवादी पार्टी के सामने 200 से ज्यादा सीटों पर अपना दावा रखा है।
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नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं और राजनीतिक पार्टियां सीटों के बंटवारे की बातचीत में लग गई हैं। खबर है कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे पर चर्चा शुरू हो चुकी है। कांग्रेस का इरादा सपा के साथ गठबंधन करके 200 से ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ने का है।
सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस ने सपा को 200 से ज्यादा सीटों की एक लिस्ट सौंप दी है और इन सीटों पर अपना दावा जताया है। UP 2027 के लिए पार्टी ने कुल 403 सीटों में से करीब 50 फीसदी सीटें मांगी हैं। यह लिस्ट यूपी में पार्टी के प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने सपा को दी।
इस दावे की बुनियाद 2024 का लोकसभा चुनाव है। उस चुनाव में कांग्रेस ने सपा के साथ गठबंधन में लड़ाई लड़ी थी और उसका प्रदर्शन काफी सुधरा था। कांग्रेस 38 विधानसभा क्षेत्रों में आगे रही और 42 दूसरी सीटों पर दूसरे नंबर पर रही। पार्टी ने इन सभी 80 सीटों को अपनी "इच्छासूची" में रखा है। इस सूची में अजय राय, अजय लल्लू, सुप्रिया श्रीनाते और नदीम जावेद जैसे बड़े पार्टी नेताओं से जुड़ी सीटें भी हैं। फिलहाल सपा के विधायकों के पास जो अमेठी, रायबरेली और सहारनपुर की सीटें हैं, उन पर भी कांग्रेस दावा करने की तैयारी में है।
आत्मविश्वास की वजह यह है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को उत्तर प्रदेश में अच्छी कामयाबी मिली थी और उसके वोटों का प्रतिशत भी बढ़ा। पार्टी के 6 सांसद जीते थे। उस वक्त उसका सपा के साथ गठबंधन था। हालांकि हाल के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने सहयोगी पार्टियों से दूरी रखकर अकेले चुनाव लड़ा है। इसी वजह से सबकी नजर इस पर है कि कांग्रेस और सपा का गठबंधन बनता है या नहीं।
कांग्रेस ने 2024 के लोकसभा नतीजों के आधार पर वे सीटें छांटी हैं, जहां उसने विधानसभा चुनाव के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया था। इसके लिए पार्टी ने "अ", "ब", "क" और "ड" नाम की श्रेणियां बनाई हैं और सीटें इन्हीं के हिसाब से तय हुई हैं। कांग्रेस का कहना है कि संगठन बनाने की मुहिम के तहत उसने जमीन पर अपनी संगठनात्मक हालत और मजबूत कर ली है, इसलिए उसकी दावेदारी 200 से ज्यादा सीटों की होनी चाहिए।
इस बातचीत में प्रियंका गांधी की भूमिका अहम रह सकती है। कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी ने हाल ही में सीट बंटवारे को लेकर उत्तर प्रदेश के कांग्रेस नेताओं के साथ तीन घंटे की बैठक की थी। सूत्रों के मुताबिक सपा प्रमुख अखिलेश यादव के साथ सीटों की बातचीत में प्रियंका गांधी अहम रोल निभा सकती हैं। याद रहे कि 2022 का चुनाव कांग्रेस ने अकेले लड़ा था और सिर्फ दो सीटें जीत पाई थी।
सपा का कहना है कि सीट देने का पैमाना Winnability यानी जीतने की क्षमता ही रहेगा। आंकड़ों में देखें तो कांग्रेस 175 से 200 सीटें (50 फीसदी) मांग रही है, जबकि सपा की पेशकश 60 से 70 सीटों (15 से 17 फीसदी) की है। बीच का रास्ता 100 से 110 सीटों (25 फीसदी) का हो सकता है और इसी पर सहमति बनने की संभावना जताई जा रही है। 2024 के लोकसभा फॉर्म्युले में कांग्रेस 80 में से 17 सीटों पर लड़ी थी, यानी 21 फीसदी। उसी अनुपात से 403 में से 100 सीटें 25 फीसदी बैठती हैं।
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