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फास्ट ट्रैक कोर्ट में 36 को फांसी सुनाने वाले जज रवि कुमार दिवाकर का तबादला

उत्तर प्रदेश के जज रवि कुमार दिवाकर को फास्ट ट्रैक कोर्ट से हटाकर मुजफ्फरनगर की फैमिली कोर्ट में भेजा गया है।

फास्ट ट्रैक कोर्ट में 36 को फांसी सुनाने वाले जज रवि कुमार दिवाकर का तबादला तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

उत्तर प्रदेश के जज रवि कुमार दिवाकर का अचानक तबादला कर दिया गया है। फास्ट ट्रैक कोर्ट में अपने बेहद सख्त फैसलों की वजह से वे हमेशा चर्चा में रहे हैं। अब उन्हें फास्ट ट्रैक कोर्ट से हटाकर मुजफ्फरनगर की फैमिली कोर्ट में अतिरिक्त मुख्य न्यायाधीश की जिम्मेदारी दी गई है। इस अचानक हुए प्रशासनिक तबादले के बाद न्यायिक और राजनीतिक हलकों में तरह-तरह की बातें होने लगी हैं।

सिर्फ 16 महीनों के अंदर जज दिवाकर ने कुल 36 आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई थी। इसी वजह से वे पूरे देश में चर्चा में आ गए थे। मुजफ्फरनगर और बरेली की फास्ट ट्रैक कोर्ट में रहते हुए उन्होंने गंभीर अपराधों में बहुत कड़ा रुख अपनाया।

आंकड़ों में देखें तो मुजफ्फरनगर में उन्होंने 11 मामलों में 23 आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई। बरेली में 13 मुकदमों में 13 आरोपियों को मौत की सजा दी गई। हाल ही में 7 सितंबर को उन्होंने एक ऐसे आरोपी को फांसी की सजा सुनाई थी, जिसने अपनी ही पत्नी को जिंदा जला दिया था।

वे नवंबर 2025 से मुजफ्फरनगर में काम कर रहे थे। अब हाई कोर्ट के आदेश के मुताबिक उन्हें फैमिली कोर्ट भेजा गया है।

जज दिवाकर पहली बार मई 2022 में पूरे देश की नजर में आए थे, जब वे वाराणसी में तैनात थे। उन्होंने ज्ञानवापी मस्जिद परिसर का वीडियोग्राफिक सर्वे कराने का ऐतिहासिक आदेश दिया था। इस सर्वे के दौरान 'शिवलिंग' मिलने का दावा किया गया था। इस संवेदनशील आदेश के बाद उन्हें अंतरराष्ट्रीय नंबरों से जान से मारने की धमकियां भी मिली थीं।

मुजफ्फरनगर में रहते हुए उन्होंने अपनी सुरक्षा में लगे बंदूकधारी कर्मचारियों को हटाए जाने पर उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) को चिट्ठी लिखकर कड़ी नाराजगी जताई थी।

46 साल के जज दिवाकर 2009 में उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा में आए थे। उन्होंने B.Com, LL.B और LL.M की पढ़ाई की है। आजमगढ़, सुल्तानपुर, बदायूं, वाराणसी, बरेली और चित्रकूट में वे अहम पदों पर काम कर चुके हैं। कम वक्त में रिकॉर्ड मौत की सजाएं देने वाले जज का अब अचानक फैमिली कोर्ट में जाना कानून के जानकारों के बीच खूब चर्चा का विषय बना हुआ है।

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