सिम्बायोसिस लॉ स्कूल नागपुर में छात्रा के आरोप पर तनाव, 100 से ज्यादा छात्र जमा, पुलिस तैनात
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
नागपुर के वाठोडा में सिम्बायोसिस लॉ स्कूल में शनिवार को माहौल गरमाया रहा। एक छात्रा ने फैकल्टी के एक सदस्य पर अनुचित टेक्स्ट मैसेज भेजने का आरोप लगाया है, जिसके बाद यह विवाद बढ़ गया। कैंपस में अलग-अलग संगठनों के प्रतिनिधि और काफी तादाद में छात्र मौजूद थे। इस दौरान पुलिस ने हालात को काबू में रखा। मामले की अंदरूनी जांच अभी चल रही है।
शनिवार सुबह अलग-अलग संगठनों के करीब 15 से 17 प्रतिनिधि यूनिवर्सिटी के गेट पर पहुंचे और इस मामले पर विरोध जताया। हालात देखकर पुलिस बीच में आई और प्रदर्शन करने वालों और मैनेजमेंट के बीच बातचीत करवाने में मदद की।
शाम करीब 6:45 बजे लगभग 15 से 20 लोग छात्रा और उसके पिता के साथ यूनिवर्सिटी पहुंचे। उसी वक्त संस्थान की इंटरनल जांच कमेटी ने ओपन-हाउस मीटिंग रखी थी। अंदाजन 100 से 120 छात्र इस दौरान कैंपस में जमा हो गए।
पुलिस ने भीड़ को संभाला। छात्रा समेत छह से सात लोगों के प्रतिनिधिमंडल को यूनिवर्सिटी प्रशासन से बात करने की इजाजत दी गई।
मीटिंग में जांच कमेटी ने भरोसा दिलाया कि आरोपों की गंभीरता से जांच होगी और तय समयसीमा के अंदर उचित कार्रवाई की जाएगी।
डीसीपी जोन-2 नित्यानंद झा ने बताया कि अब तक छात्रा या उसके माता-पिता की तरफ से पुलिस में कोई औपचारिक लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।
उन्होंने साफ किया कि सोशल मीडिया पर मामले की चर्चा होने के बावजूद कैंपस में कानून-व्यवस्था से जुड़ी कोई गड़बड़ी नहीं हुई। पुलिस यूनिवर्सिटी प्रशासन के साथ लगातार तालमेल में है।
इससे पहले सिम्बायोसिस लॉ स्कूल नागपुर के निदेशक डॉ. सुखविंदर सिंह दारी ने बताया था कि अंदरूनी जांच पूरी होने तक संबंधित फैकल्टी सदस्य को छुट्टी पर भेज दिया गया है। उन्हें कैंपस में आने और किसी भी पढ़ाई से जुड़ी गतिविधि में हिस्सा लेने से भी रोक दिया गया है।
पुलिस ने छात्रों, अभिभावकों और आम लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट जानकारी और अफवाहों पर भरोसा न करें।
फिलहाल मामला संस्थान की अंदरूनी जांच के स्तर पर ही है। पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज होने और जांच के नतीजे सामने आने के बाद ही आगे की तस्वीर साफ हो पाएगी।
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