नागपुर के सिम्बायोसिस लॉ स्कूल में कथित आपत्तिजनक संदेशों पर अभाविप का प्रदर्शन
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने निष्पक्ष जांच की मांग की। डीसीपी नित्यानंद झा के मुताबिक यूनिवर्सिटी ने प्रोफेसर को जांच पूरी होने तक छुट्टी पर भेजा है।
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नागपुर के सिम्बायोसिस लॉ स्कूल में एक छात्रा को कथित तौर पर आपत्तिजनक और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले संदेश भेजे जाने का मामला गरमा गया है। इसी को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, यानी अभाविप, ने यूनिवर्सिटी कैंपस में प्रदर्शन किया।
अभाविप का कहना है कि कॉलेज के एक प्रोफेसर ने छात्रा को कथित रूप से आपत्तिजनक संदेश भेजे थे। संगठन के मुताबिक मामला तब सामने आया, जब छात्रा के परिवार ने उसके मोबाइल में ये संदेश देखे। अभाविप ने इसे छात्राओं की सुरक्षा, उनके सम्मान और पढ़ाई के माहौल से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया और कॉलेज प्रशासन को निवेदन सौंपा।
निवेदन में संगठन ने कई मांगें रखीं। उसने कहा कि निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के लिए एक स्वतंत्र समिति बनाई जाए। जांच पूरी होने तक जरूरी अंतरिम कार्रवाई हो और शिकायत करने वाली छात्रा की पहचान गोपनीय रखी जाए। अभाविप ने यह भी मांग की कि छात्रा और गवाहों पर किसी तरह का दबाव न पड़े, उन्हें बदले की कार्रवाई से बचाया जाए और जांच कहां तक पहुंची, इसकी जानकारी लिखित में दी जाए। संगठन चाहता है कि जांच खत्म होने तक संबंधित प्रोफेसर को संस्थान से दूर रखा जाए।
प्रदर्शन में महानगर सहमंत्री संकेत खड़कर, पश्चिम जिला संयोजक तनु समुद्रे और दक्षिण जिला संयोजक अथर्व देशमुख समेत दूसरे कार्यकर्ता मौजूद थे।
इस बीच डीसीपी नित्यानंद झा ने बताया कि यूनिवर्सिटी प्रशासन ने संबंधित प्रोफेसर को जांच पूरी होने तक छुट्टी पर भेज दिया है। उनके अनुसार शनिवार को प्रदर्शनकारी सुबह और शाम, दोनों वक्त यूनिवर्सिटी पहुंचे और कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने यूनिवर्सिटी प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत करवाई, ताकि दोनों पक्षों में तालमेल बन सके।
शनिवार शाम को शिकायत करने वाली छात्रा, उसके परिवार के सदस्य और कुछ दूसरे लोग, कुल छह से सात लोगों का एक प्रतिनिधिमंडल यूनिवर्सिटी की जांच समिति से मिला। समिति ने भरोसा दिलाया कि तय समय के भीतर जांच पूरी करके उचित कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन और पुलिस ने कैंपस में मौजूद स्टूडेंट्स को भी पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक सब कुछ शांति से निपटा और कानून-व्यवस्था की कोई दिक्कत नहीं आई।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे बिना पुष्टि वाली जानकारी आगे न बढ़ाएं और अफवाहों पर यकीन न करें। आगे क्या कार्रवाई होगी, यह जांच के नतीजों पर निर्भर करेगा।
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