सिम्बायोसिस लॉ स्कूल विवाद: जांच के बीच प्रोफेसर छुट्टी पर, पुलिस में शिकायत नहीं
नागपुर के वाठोड़ा कैंपस में एक छात्रा के आरोपों के बाद प्रोफेसर को छुट्टी पर भेजा गया है। पुलिस के मुताबिक अब तक कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है।
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नागपुर के सिम्बायोसिस लॉ स्कूल के वाठोड़ा कैंपस में तनाव का माहौल बन गया। एक छात्रा ने एक फैकल्टी सदस्य पर आरोप लगाया है कि उन्होंने कथित तौर पर आपत्तिजनक टेक्स्ट मैसेज भेजे। संबंधित प्रोफेसर को अंदरूनी जांच पूरी होने तक छुट्टी पर भेज दिया गया है। वहीं पुलिस ने साफ किया है कि अब तक कोई औपचारिक लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।
सिम्बायोसिस लॉ स्कूल नागपुर के डायरेक्टर डॉ. सुखविंदर सिंह दारी ने बताया कि जांच का नतीजा आने तक प्रोफेसर छुट्टी पर रहेंगे। उन्हें इस दौरान कैंपस न आने और पढ़ाई से जुड़ी किसी गतिविधि में हिस्सा न लेने के निर्देश दिए गए हैं। आरोपों पर बढ़ती चर्चा और कैंपस के तनाव के बीच यह कदम उठाया गया।
डीसीपी जोन 2 नित्यानंद झा ने बताया कि ताज़ा जानकारी तक न छात्रा ने और न ही उसके माता-पिता ने पुलिस को कोई औपचारिक लिखित शिकायत दी है। सोशल मीडिया पर आरोप काफी फैले हुए हैं, फिर भी पुलिस के मुताबिक हालात शांत रहे और कैंपस में कानून-व्यवस्था की कोई दिक्कत सामने नहीं आई।
शनिवार को कैंपस में दो दौर में हलचल रही। सुबह करीब 15 से 17 लोग अलग-अलग संगठनों के प्रतिनिधि बनकर यूनिवर्सिटी के गेट पर जमा हुए और इस मुद्दे पर प्रदर्शन किया। पुलिस ने दखल देकर इन संगठनों और यूनिवर्सिटी प्रबंधन के बीच बातचीत करवाई। अफसर प्रशासन के साथ तालमेल बनाए रहे और हालात काबू में रहे।
शाम करीब 6:45 बजे माहौल फिर गरमाया, जब छात्रा और उसके पिता के साथ लगभग 15 से 20 लोग यूनिवर्सिटी पहुंचे। उसी वक्त संस्थान की अंदरूनी जांच कमेटी ने ओपन हाउस सेशन बुलाया, जिसमें अनुमान के मुताबिक 100 से 120 छात्र कैंपस में आ गए।
पुलिस ने भीड़ को संभाला और छात्रा समेत छह से सात लोगों के प्रतिनिधिमंडल को प्रशासन से मिलने दिया। बातचीत के दौरान जांच कमेटी ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि आरोपों की पूरी तरह जांच होगी और तय समय के भीतर उचित कार्रवाई की जाएगी।
डीसीपी झा ने फिर कहा कि कुल मिलाकर हालात शांत हैं और कैंपस में कानून-व्यवस्था बिगड़ने जैसी कोई बात नहीं हुई। पुलिस यूनिवर्सिटी प्रशासन के साथ संपर्क में है। उसने छात्रों, अभिभावकों और आम लोगों से अपील की है कि बिना पुष्टि वाले दावे आगे न बढ़ाएं और सोशल मीडिया पर घूम रही अफवाहों पर यकीन न करें।
फिलहाल मामला अंदरूनी जांच के स्तर पर ही है और ताज़ा जानकारी तक पुलिस में कोई औपचारिक शिकायत नहीं आई है। आगे क्या होगा, यह जांच के नतीजों और संबंधित अधिकारियों की आगे की कार्रवाई पर निर्भर करेगा।
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