नागपुर के कॉलेज में टीचर पर छात्रा को आपत्तिजनक मैसेज भेजने का आरोप, कई सवाल अब भी बाकी
वाठोड़ा क्षेत्र के एक कॉलेज के शिक्षक पर अश्लील और धर्म से जुड़े आपत्तिजनक मैसेज भेजने का आरोप है। पुलिस में औपचारिक शिकायत की स्थिति साफ नहीं है।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
नागपुर के वाठोड़ा क्षेत्र के एक जाने-माने कॉलेज में चल रहे विवाद पर अब नए सवाल उठ रहे हैं। एक शिक्षक पर आरोप है कि उन्होंने एक छात्रा को अश्लील और धर्म से जुड़े आपत्तिजनक मैसेज भेजे। ये सिर्फ आरोप हैं और अभी इनकी जांच होनी बाकी है। सवाल यह है कि मामला सामने कैसे आया, कॉलेज ने अब तक क्या किया और पुलिस में औपचारिक शिकायत की हालत क्या है।
इससे पहले छात्रा के परिवार की ओर से बताया गया था कि मोबाइल में कथित आपत्तिजनक मैसेज देखने के बाद वे कॉलेज पहुंचे थे। परिवार ने यह भी माना कि वहां शिक्षक के साथ विवाद और हाथापाई हुई। उनके मुताबिक उन्होंने कॉलेज प्रशासन से शिकायत की थी।
अब सूत्रों के हवाले से कुछ और बातें सामने आ रही हैं, लेकिन इनकी अभी पुष्टि नहीं हुई है। शिक्षक, छात्रा और कॉलेज प्रशासन का पक्ष आने के बाद ही पूरी तस्वीर साफ होगी।
सूत्रों के अनुसार मामला तब खुला, जब घर पर कुछ गतिविधियों को लेकर परिवार ने छात्रा से सवाल किए। इसके बाद परिवार का ध्यान शिक्षक और छात्रा के बीच कथित मैसेजों के लेन-देन पर गया। शुरुआत में असल में क्या हुआ, परिवार को मैसेजों की खबर कैसे लगी और बातें किस क्रम में आगे बढ़ीं, इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। मैसेज असली हैं या नहीं, उनका संदर्भ क्या है और उनमें कुछ गलत था या नहीं, यह मूल डिजिटल मैसेज और सभी पक्षों के बयान देखने के बाद ही तय हो सकता है।
सूत्रों का दावा है कि घटना के बाद कॉलेज के कुछ शिक्षक छात्रा के परिवार से मिलने गए थे। बताया जा रहा है कि उन्होंने कॉलेज स्तर पर जांच के लिए वक्त मांगा और मामला संस्थान के भीतर सुलझाने का अनुरोध किया। कॉलेज प्रशासन ने आधिकारिक तौर पर यह नहीं बताया कि कोई अंदरूनी जांच शुरू हुई है या नहीं। जांच का दायरा क्या है और शिक्षक पर कोई औपचारिक कार्रवाई हुई या नहीं, यह भी साफ नहीं है।
सूत्रों के मुताबिक कुछ स्थानीय भाजपा नेताओं को भी मामले की जानकारी मिली थी और दावा है कि उन्होंने परिवार को पुलिस में शिकायत करने की सलाह दी। इस बातचीत की पुष्टि नहीं हुई है। परिवार ने अब तक पुलिस में औपचारिक शिकायत क्यों नहीं की, इसकी भी कोई पक्की जानकारी नहीं है।
इस बीच एक मैसेज घूम रहा है, जिसमें कथित तौर पर छात्रा दूसरे विद्यार्थियों से कह रही है कि अगर उनके साथ भी ऐसा बर्ताव हुआ हो तो वे आगे आकर बताएं। इस मैसेज के असली होने और उसके मूल स्रोत की पुष्टि नहीं हो सकी है, इसलिए इसे सत्यापित बयान नहीं माना जा सकता।
सूत्रों का यह भी दावा है कि गुरुवार देर रात पुलिस वाले कॉलेज पहुंचे थे। वे किस मकसद से आए, कौन से अधिकारी थे और यह दौरा किसी शिकायत या शुरुआती जांच के सिलसिले में था या नहीं, इसकी पुष्टि नहीं हुई है। इसके बाद कोई कार्रवाई हुई या नहीं, यह भी पता नहीं चला है।
फिलहाल कई सवालों के जवाब बाकी हैं। क्या कॉलेज ने शिकायत औपचारिक रूप से दर्ज की? क्या कथित मैसेज और डिजिटल सबूतों की जांच हो रही है? क्या दूसरी छात्राओं ने कोई शिकायत की है? क्या पुलिस को औपचारिक शिकायत मिली है? और आरोपों पर शिक्षक का क्या कहना है? इन सब पर अब तक पुष्ट जानकारी नहीं है। सबकी नजर इस पर है कि कॉलेज प्रशासन और पुलिस आगे क्या करते हैं।