शरद पवार को ब्रीच कैंडी अस्पताल से डिस्चार्ज, सुनेत्रा पवार से नहीं हो सकी मुलाकात
दो दिन के इलाज के बाद शरद पवार की तबीयत स्थिर है। अस्पताल की मुलाकातों और दोनों राष्ट्रवादी पार्टियों के विलय की चर्चा से सियासी गलियारों में हलचल है।
राष्ट्रवादी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शरद पवार को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। जानकारी के मुताबिक मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में दो दिन उनका इलाज चला और अब उनकी तबीयत स्थिर है।
लेकिन अस्पताल में इलाज के दौरान हुई सियासी मुलाकातों और कुछ नेताओं के न पहुंचने से राजनीतिक गलियारों में चर्चा गरम है। खास तौर पर उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के शरद पवार से न मिलने की बात चर्चा में है।
बताया जा रहा है कि उपमुख्यमंत्री कार्यालय की तरफ से शरद पवार से मिलने के लिए तीन बार वक्त मांगा गया था। फिर भी आखिर तक मुलाकात नहीं हो पाई, ऐसा कहा जा रहा है। सुनेत्रा पवार के न मिलने पर सियासी हलकों में तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
कहा जा रहा है कि शरद पवार के पोते पार्थ पवार भी अस्पताल जाकर उनसे नहीं मिले। सूत्रों के मुताबिक पार्थ पवार और जय पवार ने फोन करके अपने दादा की तबीयत का हाल पूछा।
अजित पवार गुट के नेता प्रफुल्ल पटेल अस्पताल जाकर शरद पवार से मिले। दोनों के बीच करीब डेढ़ घंटे बातचीत हुई। खबर है कि इस बातचीत में शरद पवार ने पटेल से कहा कि 10 तारीख के बाद फिर बात करेंगे। इस मुलाकात में आखिर क्या बात हुई, इसे लेकर उत्सुकता बनी हुई है।
पटेल के अलावा जयंत पाटील, संजय राऊत, जितेंद्र आव्हाड, सुशीलकुमार शिंदे और उद्योगपति गौतम अदानी ने भी अस्पताल जाकर पवार से मुलाकात की, ऐसी जानकारी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और उद्धव ठाकरे ने फोन करके उनकी तबीयत पूछी थी।
इस बीच अजित पवार गुट के प्रदेशाध्यक्ष सुनील तटकरे के एक बयान से दोनों राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टियों के विलय की चर्चा फिर शुरू हो गई है। तटकरे ने कहा था कि अजित पवार ने विलय को लेकर बैठकें की थीं और इसकी जानकारी उन्हें दी थी।
तटकरे के इस बयान के बाद सवाल उठ रहा है कि क्या दोनों राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टियां फिर एक होंगी। इसी पृष्ठभूमि में सुनेत्रा पवार के शरद पवार से न मिलने की भी बात कही जा रही है।
शरद पवार दो दिन के इलाज के बाद मुंबई में अपने घर सिल्वर ओक लौटे थे, मगर शाम को तबीयत फिर बिगड़ने पर उन्हें दोबारा ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया। आज दो दिन के इलाज के बाद उन्हें डिस्चार्ज मिला है और बताया गया है कि तबीयत स्थिर है। अस्पताल की मुलाकातों और विलय की चर्चा के बीच अब सबकी नजर इस पर है कि आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति में क्या होता है।
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