शनिवार, 7 नवंबर 2026

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भद्रावती में परियोजना प्रभावित किसानों के साथ बच्चू कडू ने जलाए दीप, तीखे आंदोलन की चेतावनी दी

भद्रावती में परियोजना प्रभावित किसानों के साथ बच्चू कडू ने जलाए दीप, तीखे आंदोलन की चेतावनी दी तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
सियासत PT24 टीम

न्यू एरा क्लीनटेक कोल गैसिफिकेशन प्रोजेक्ट और न्यू ग्रेटा एनर्जी कंपनी से प्रभावित किसानों ने दिवाली की पूर्वसंध्या पर दीप जलाओ आंदोलन किया।

भद्रावती तालुका में न्यू एरा क्लीनटेक कोल गैसिफिकेशन परियोजना और न्यू ग्रेटा एनर्जी कंपनी से प्रभावित किसानों ने दिवाली की पूर्वसंध्या पर, यानी 6 तारीख शुक्रवार को, दीप जलाओ आंदोलन किया। यह आंदोलन विधायक बच्चू कडू की अगुवाई में हुआ। महिलाओं और प्रभावित किसानों ने हाथ में दीप लेकर कंपनी और सरकार का ध्यान अपनी तरफ खींचा।

बच्चू कडू आंदोलन में लोकसभा संयोजक मुकेश जीवतोडे की कोशिशों से शामिल हुए। मंच पर किसान संगठन युवा मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष एड. दीपक चटप और मुकेश जीवतोडे खास तौर पर मौजूद थे। संघर्ष समिति के अध्यक्ष प्रवीण सातपुते, शिवसेना जिलाप्रमुख युवराज धानोरकर, उपाध्यक्ष सुधीर सातपुते और मधुकर सावनकर समेत कई और लोग भी मंच पर थे। कार्यक्रम का संचालन चेतन गुंडावार ने किया और अनुप खुटेमाटे ने प्रस्तावना रखी।

बच्चू कडू ने तीन मुख्य मांगों पर सख्त रुख रखा। ये मांगें हैं अनुग्रह अनुदान, स्थानीय लोगों को रोजगार की गारंटी, और कंपनी, सरकार तथा प्रभावित किसानों के बीच तीनों पक्षों का करार। उन्होंने चेतावनी दी कि इन मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं हुआ तो पहले छापामार तरीके से और फिर सीधे मैदान में उतरकर तीव्र आंदोलन छेड़ा जाएगा।

बच्चू कडू ने कहा कि अन्याय हो रहा हो तो वे सत्ता का मोह रखे बिना संघर्ष करेंगे। इसी दौरान उन्होंने स्थानीय भाजपा विधायक पर भी निशाना साधा। उनके शब्दों में, हम आंदोलन में उतरे तो स्थानीय विधायक के दिमाग में रोशनी पड़ गई। उन्होंने लोगों से अपील की कि पुलिस के डंडे से न डरें और बाल-बच्चों समेत संघर्ष के लिए तैयार रहें।

कंपनी प्रबंधन को चेतावनी देते हुए बच्चू कडू ने कहा, "परियोजना प्रभावित किसानों को न्याय नहीं मिला तो छापामार तरीके से कंपनी में घुसेंगे!" उन्होंने कहा कि किसानों की जमीन लेकर उनके हक की अनदेखी करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और स्थानीय लोगों को न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा। उनके मुताबिक वे पार्टी की राजनीति एक तरफ रखकर किसान, मेहनतकश, दिव्यांग और मजदूरों के सवाल सुलझाने के लिए हमेशा तैयार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अन्याय के खिलाफ आंदोलन में केस अपने ऊपर लेने और लाठी खाने को भी वे तैयार हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि न्याय नहीं मिला तो कंपनी का कामकाज शुरू नहीं होने दिया जाएगा।

एड. दीपक चटप ने अपने भाषण में जनप्रतिनिधियों और सरकार की भूमिका की आलोचना की। उन्होंने कहा कि प्रभावित किसानों की मांगें जायज हैं और कंपनी तथा सरकार की तरफ से हो रहा अन्याय सहन नहीं किया जाएगा। उनका कहना था कि विधायक देवतळे ने अपनी जिम्मेदारी निभाकर किसानों के सवाल सुलझाने की कोशिश की होती, तो दिवाली के दिन किसानों को आंदोलन करने की नौबत नहीं आती।

चटप ने भरोसा दिलाया कि किसानों के हक के लिए अदालत और सड़क, दोनों लड़ाइयों में वे हमेशा साथ रहेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार और जनप्रतिनिधियों ने इन सवालों पर ध्यान नहीं दिया तो मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों के गांव और जिले में घुसने पर रोक लगाने में देर नहीं लगेगी।

मुकेश जीवतोडे ने अपील की कि पार्टी की राजनीति को किनारे रखकर सब एक साथ आएं और प्रभावित किसानों के जायज हक के लिए लड़ाई खड़ी करें। उन्होंने प्रभावित किसानों, बेरोजगार युवाओं, मजदूरों और स्थानीय नागरिकों के सवालों पर एकजुट होकर लड़ने की बात कही।

आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में प्रभावित किसान आंदोलन में शामिल हुए। शिवसेना शिंदे गुट की मौजूदगी भी काफी दिखी। आंदोलन शांति और अनुशासन के साथ निपटा। कोई गड़बड़ी न हो, इसलिए बड़ा पुलिस बंदोबस्त तैनात था।

निप्पॉन परियोजना प्रभावित संघर्ष समिति के सभी पदाधिकारियों और स्थानीय किसानों ने आंदोलन को कामयाब बनाने के लिए खूब मेहनत की। चेतावनी दी गई कि कंपनी और सरकार ने आंदोलन पर ध्यान नहीं दिया तो आगे और तीव्र विरोध होगा। अब इलाके के किसानों की नजर इस पर है कि सरकार और कंपनी क्या फैसला लेती है।

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