आदिवासी किसानों को फार्मर आईडी, ऑनलाइन होगी फसल की जांच: महाराष्ट्र सरकार के दो फैसले
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दिवाली के बीच महाराष्ट्र सरकार ने किसानों के लिए दो फैसले लिए हैं। राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने इनकी घोषणा की।
महाराष्ट्र सरकार ने किसानों के लिए आज दो अहम फैसले लिए हैं। दिवाली का त्योहार चल रहा है और इसी दौरान लिए गए इन फैसलों से कुल 2 लाख 60 हजार किसानों को फायदा होगा। ये फैसले पीएम किसान योजना की 24वीं किस्त किसानों के खाते में जमा होने के बाद आए हैं।
पहला फैसला आदिवासी किसानों को फार्मर आईडी देने का है। दूसरा फैसला फसल का निरीक्षण, यानी फसल निरीक्षण, ऑनलाइन तरीके से करने का है। इन फैसलों से राज्य के 2 लाख से ज्यादा किसानों को लाभ होगा, और इनमें 1 लाख 60 हजार आदिवासी किसान शामिल हैं।
राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने इस बारे में घोषणा की। उन्होंने बताया कि आदिवासी समाज के लोग सालों से जमीन जोतते आ रहे हैं, लेकिन कागजों में उनके नाम दर्ज नहीं हैं। दूसरी योजनाओं में भी उनका नाम शामिल नहीं है। राज्य के कई हिस्सों में अलग-अलग वजहों से फार्मर आईडी भी नहीं मिल पाए हैं। यह घोषणा ऐसे ही आदिवासियों के लिए है, जिनके पास SPO नहीं है।
बावनकुले ने कहा कि राज्य सरकार का यह फैसला उन आदिवासियों के लिए क्रांतिकारी साबित होगा। फार्मर आईडी आदिवासियों को दी जाएगी। शर्त बस इतनी है कि वे 1 जनवरी 2015 से पहले का कोई सबूत पेश कर दें। इतना सबूत देने पर भी उन्हें यह सुविधा मिल जाएगी।
दूसरा फैसला, यानी ऑनलाइन फसल निरीक्षण, राज्य सरकार का सबसे बड़ा फैसला बताया गया है। अब तक 1 लाख से ज्यादा किसानों का फसल निरीक्षण अटका पड़ा था। ऑनलाइन तरीका अपनाने से यह निरीक्षण करना अब मुमकिन होगा। इसका फायदा यह होगा कि किसानों को नुकसान भरपाई मिल सकेगी।
इन फैसलों की पृष्ठभूमि में एल नीनो का जिक्र भी है। सामने रखी गई जानकारी के मुताबिक एल नीनो का गंभीर असर सिर्फ महाराष्ट्र पर नहीं, बल्कि पूरे देश और दुनिया पर पड़ा है। अनाज की कमी और दूसरी चीजों की किल्लत की वजह से महंगाई काफी बढ़ गई है, और इसका सीधा असर आम लोगों पर हुआ है।
किसान भी इससे परेशान हैं। सूखे जैसे हालात और अतिवृष्टि की वजह से जो कुछ बोया गया था, वह पूरा हाथ नहीं आया। इस वजह से किसानों को मार झेलनी पड़ी है। ऐसे में आदिवासी किसानों को फार्मर आईडी और ऑनलाइन फसल निरीक्षण के ये दो फैसले किसानों तक राहत पहुंचाने के लिए लिए गए हैं।
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