सायडोंगर विवाद: प्रकाश आंबेडकर का दावा, टोरंट से कई पार्टियों को इलेक्टोरल बॉन्ड का चंदा
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वंचित बहुजन आघाडी अध्यक्ष प्रकाश आंबेडकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में टोरंट पावर और टोरंट फार्मास्युटिकल्स से पार्टियों को मिले चंदे के आंकड़े रखे और पूछा कि पार्टियां किसके साथ हैं।
कर्जत के सायडोंगर में पेड़ कटने के बाद राज्य में बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। कर्जत के लोग, पर्यावरण के लिए काम करने वाले और अलग-अलग पार्टियों के नेता इस पर कड़ी आलोचना कर रहे हैं और प्रोजेक्ट का विरोध कर रहे हैं। इसी बीच वंचित बहुजन आघाडी के अध्यक्ष प्रकाश आंबेडकर ने इस प्रोजेक्ट को लेकर एक नया दावा किया है। इसमें उन्होंने सत्ता पक्ष के साथ विपक्ष को भी निशाने पर लिया।
प्रकाश आंबेडकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाकर कर्जत के सायडोंगर में बन रहे टोरंट प्रोजेक्ट पर बात की। उनका कहना है कि टोरंट कंपनी से भाजपा के साथ कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस, शिवसेना और आम आदमी पार्टी ने भी राजनीतिक चंदा लिया है।
आंबेडकर ने बताया कि टोरंट पावर ने इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए अलग-अलग पार्टियों को पैसा दिया। उनके दिए आंकड़ों के मुताबिक भाजपा को 76 करोड़ रुपये, कांग्रेस को 17 करोड़, राष्ट्रवादी कांग्रेस को 3.5 करोड़, शिवसेना को 3 करोड़ और आम आदमी पार्टी को 7 करोड़ रुपये मिले।
उन्होंने टोरंट फार्मास्युटिकल्स का मुद्दा भी उठाया। आंबेडकर के मुताबिक इस कंपनी ने भी इलेक्टोरल बॉन्ड से पार्टियों को चंदा दिया। इसमें भाजपा को 61 करोड़, कांग्रेस को 5 करोड़, आम आदमी पार्टी को 1 करोड़, समाजवादी पार्टी को 3 करोड़ और सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा को 7 करोड़ रुपये दिए गए। उन्होंने यह भी कहा कि सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट को 50 लाख रुपये मिले। दोनों कंपनियों के चंदे को जोड़कर आंबेडकर ने कहा कि भाजपा को कुल 137 करोड़ और कांग्रेस को 22 करोड़ रुपये मिले।
आंबेडकर ने कहा कि जिन पार्टियों ने टोरंट ग्रुप से पैसा लिया, उनके नेता अब कर्जत में किसानों के समर्थन में खड़े हो रहे हैं। उनका सवाल है कि ये पार्टियां साफ करें कि वे टोरंट ग्रुप के साथ रहेंगी या सह्याद्री को बचाने के लिए लड़ रहे लोगों के साथ।
इस बीच, सायडोंगर प्रोजेक्ट के लिए 32,490 पेड़ काटने के प्रस्ताव से स्थानीय लोगों और पर्यावरण के लिए काम करने वालों में नाराजगी है। 3,000 मेगावॉट क्षमता के इस प्रोजेक्ट को लेकर पर्यावरण और विकास का मुद्दा चर्चा में आ गया है। खबर है कि पेड़ कटाई का विरोध बढ़ने के बाद यह काम फिलहाल रोक दिया गया है।
अब सबकी नजर इस पर है कि आंबेडकर के उठाए इलेक्टोरल बॉन्ड के मुद्दे पर संबंधित पार्टियां क्या रुख अपनाती हैं।
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