विधान परिषद चुनाव के नतीजों की समीक्षा: कांग्रेस ने थोरात समेत चार नेताओं की समिति बनाई
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महाराष्ट्र कांग्रेस ने शिक्षक और स्नातक क्षेत्रों के चुनाव में हार और गलतियों की वजह खोजने के लिए चार सदस्यों की समिति बनाई है, जिसे तीन हफ्ते में रिपोर्ट देनी है।
महाराष्ट्र में विधान परिषद के शिक्षक और स्नातक क्षेत्रों के चुनाव हाल ही में हुए। कुल पांच सीटों पर हुए इन चुनावों में कांग्रेस सिर्फ नागपुर स्नातक क्षेत्र में जीत पाई। महाविकास आघाड़ी को इस चुनाव में अच्छी कामयाबी मिली, लेकिन अकेले कांग्रेस के हिस्से में उतनी कामयाबी नहीं आई जितनी उम्मीद थी।
इसी के बाद महाराष्ट्र कांग्रेस ने अपने भीतर झांकने की तैयारी शुरू कर दी है। नागपुर स्नातक, पुणे स्नातक और अमरावती शिक्षक क्षेत्र के नतीजों को गहराई से परखने के लिए प्रदेश कांग्रेस की तरफ से चार सदस्यों की एक समिति बनाई गई है।
यह समिति अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर और महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल के सुझाव पर गठित की गई है। समिति में कांग्रेस कार्यकारिणी के सदस्य बालासाहेब थोरात, सांसद चंद्रकांत हंडोरे, आरिफ नसीम खान और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव बी. एम. संदीप शामिल हैं। इन्हें विधान परिषद चुनाव में हुई गलतियों और हार के कारणों का पता लगाने की जिम्मेदारी दी गई है।
समिति का काम सिर्फ नतीजों पर नजर डालना नहीं है। उसे पूरी चुनावी प्रक्रिया की पड़ताल करनी है। संबंधित क्षेत्रों में पार्टी की प्रचार रणनीति कैसी थी, स्थानीय स्तर पर तालमेल कैसा रहा और जीत या हार के पीछे असल वजहें क्या थीं, यह सब समिति देखेगी।
इसके अलावा यह भी जांचा जाएगा कि चुनाव के दौरान पार्टी की तरफ से कोई कमी रह गई थी या नहीं, प्रचार में जितनी ताकत लगनी चाहिए थी उतनी लगाई गई या नहीं, और स्थानीय नेताओं के बीच ठीक से तालमेल था या नहीं। पिछले चुनावों की घटनाओं का मौजूदा नतीजों पर कोई असर पड़ा या नहीं, इसका भी अध्ययन किया जाएगा।
समिति को अपनी विस्तृत रिपोर्ट तीन हफ्ते के भीतर महाराष्ट्र के प्रभारी डॉ. सिरीवेल्ला प्रसाद को सौंपनी है। इस रिपोर्ट की एक कॉपी प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल को भी दी जाएगी।
रिपोर्ट में चुनाव की कमियों, संगठन की खामियों और आगे क्या बदलाव किए जाएं, इस बारे में सिफारिशें होंगी। ऐसे में आने वाले चुनावों को देखते हुए यह देखना अहम होगा कि कांग्रेस इस रिपोर्ट से क्या सबक लेती है और अपनी रणनीति में क्या फेरबदल करती है।
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