सोलापुर में प्रणिती शिंदे ने मोदी और शाह को दी बैलेट पेपर से चुनाव की चुनौती
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सांसद प्रणिती शिंदे ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा को घेरा। AI डेटा सेंटर, डायलिसिस सेंटर और SIR पर भी सवाल उठाए।
सोलापुर की सांसद प्रणिती शिंदे ने मंगलवार, 3 नवंबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके भाजपा और सत्ताधारी पक्ष पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा को सीधी चुनौती देते हुए कहा, "हिम्मत हो तो इस्तीफा लेकर बैलेट पेपर पर चुनाव कराओ।"
देश भर में अलग-अलग मुद्दों पर राजनीतिक माहौल गरम है। एक तरफ कांग्रेस सत्ताधारियों और चुनाव आयोग के कामकाज के खिलाफ आक्रामक रुख अपना रही है। दूसरी तरफ भाजपा कांग्रेस समेत विपक्ष पर अराजकता फैलाने का आरोप लगा रही है। इसी माहौल में प्रणिती शिंदे ने सोलापुर के कई सवालों पर भाजपा और सत्ताधारियों को घेरा।
सोलापुर में प्रस्तावित AI डेटा सेंटर प्रोजेक्ट पर बोलते हुए उन्होंने इसका कड़ा विरोध किया। उन्होंने पानी का मुद्दा उठाया। उनका दावा था कि इस प्रोजेक्ट के लिए बड़ी मात्रा में पानी लगेगा। उन्होंने सवाल किया कि सोलापुर के लोगों को पहले से ही छह दिन में एक बार पानी मिल रहा है, तो इस प्रोजेक्ट के बाद हालत क्या होगी।
प्रणिती शिंदे ने उजनी इलाके की जैव विविधता पर भी असर पड़ने का डर जताया। उनका कहना था कि प्रोजेक्ट से स्थानीय नौजवानों को रोजगार मिलेगा ही, इसकी कोई गारंटी नहीं है। इसके अलावा उन्होंने प्रोजेक्ट के स्वरूप और उसके आर्थिक लेन-देन को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने साफ किया कि AI डेटा सेंटर के मुद्दे पर महाविकास आघाड़ी मिलकर अपनी भूमिका रखेगी।
सोलापुर की सेहत सुविधाओं पर उन्होंने आरोप लगाया कि 1 नवंबर से महालैब और डायलिसिस सेंटर बंद हो गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार पर एक हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की देनदारी है। इसी के साथ उन्होंने मरीजों की सेहत का सवाल उठाया।
सत्ताधारी पक्ष "संविधान बचाओ, अराजकता के खिलाफ आओ" के नारे के साथ मोर्चा निकाल रहा है। इस पर प्रणिती शिंदे ने तंज कसा। उनकी टिप्पणी थी कि जिन लोगों ने नौजवान स्टूडेंट्स पर लाठीचार्ज किया, वही अब लोकतंत्र बचाने की बात कर रहे हैं। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि मोर्चे के लिए लोगों को लाने का टार्गेट दिया जा रहा है।
SIR प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए उन्होंने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने चुनौती दी कि हिम्मत हो तो इस्तीफा लेकर बैलेट पेपर पर चुनाव कराए जाएं। उन्होंने यह मांग भी रखी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राहुल गांधी के साथ खुली बहस करें।
प्रणिती शिंदे के मुताबिक महाविकास आघाड़ी AI डेटा सेंटर पर साझा भूमिका रखेगी। इसलिए सोलापुर के इस प्रोजेक्ट को लेकर आने वाले दिनों में सियासी टकराव और बढ़ने की संभावना है।
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