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साइबर ठगी रोकने के लिए TRAI बदलेगा OTP का फॉरमॅट, नोटिफिकेशन में नहीं दिखेगा कोड

TRAI वन-टाइम पासवर्ड भेजने के तरीके और फॉरमॅट में बदलाव की तैयारी में है। नोटिफिकेशन प्रीव्यू बंद होगा और मैसेज में कोड का मकसद, कंपनी का नाम और मियाद साफ लिखी जाएगी।

साइबर ठगी रोकने के लिए TRAI बदलेगा OTP का फॉरमॅट, नोटिफिकेशन में नहीं दिखेगा कोड तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

ऑनलाइन फ्रॉड के मामले आजकल दिन-ब-दिन बढ़ते जा रहे हैं। साइबर ठगों के फैलते जाल से लोगों को बचाने के लिए दूरसंचार नियामक प्राधिकरण यानी TRAI अब अहम कदम उठाने की तैयारी में है। वन-टाइम पासवर्ड (OTP) भेजने के तरीके और उसके फॉरमॅट में बड़ा बदलाव दिखने की संभावना है।

अभी होता यह है कि मोबाइल पर OTP आते ही कई यूजर्स नोटिफिकेशन में ही नंबर पढ़कर आगे बढ़ जाते हैं और ठगी के शिकार हो जाते हैं। इसी पर रोक लगाने के लिए TRAI ने कुछ सख्त नियम तैयार किए हैं।

पहला बदलाव नोटिफिकेशन प्रीव्यू को लेकर है। आगे से फोन पर OTP आएगा तो वह सीधे नोटिफिकेशन में नहीं दिखेगा। उसे देखने के लिए यूजर को मैसेजिंग अॅप खोलना पड़ेगा। इससे फोन पर नजर रखकर या दूर से OTP चुराने वालों पर लगाम लगेगी।

दूसरा बदलाव फॉरमॅट का है। बैंक, ई-कॉमर्स कंपनियों और डिजिटल प्लॅटफॉर्म के लिए एक जैसा और तय फॉरमॅट बनाया जाएगा। इसमें साफ लिखा होगा कि यह कोड लॉग इन के लिए है, पेमेंट के लिए है या किसी और काम के लिए।

तीसरी बात कंपनी की पहचान और मियाद की है। मैसेज में कोड भेजने वाली कंपनी का नाम होगा और यह भी बताया जाएगा कि कोड कितनी देर तक वैलिड रहेगा।

गृह मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक नॅशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर 2021 में करीब 2.62 लाख शिकायतें दर्ज हुई थीं। 2025 तक यह आंकड़ा बढ़कर 24.02 लाख पर पहुंच गया है। ऑनलाइन फ्रॉड में लूटी गई रकम भी 551 करोड़ रुपये से बढ़कर 22,495 करोड़ रुपये हो गई है। इस पृष्ठभूमि में TRAI की यह नियमावली काफी अहम मानी जा रही है।

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि सिर्फ फॉरमॅट बदलने से साइबर क्राइम रातोंरात पूरी तरह बंद नहीं होगा, क्योंकि ठग भी नए-नए तरीके खोज लेते हैं। आजकल ठगी के लिए सिर्फ एसएमएस नहीं, बल्कि व्हाट्सऐप और दूसरे सोशल मीडिया प्लॅटफॉर्म का भी इस्तेमाल हो रहा है।

फिर भी विशेषज्ञों के मुताबिक इन बदलावों से लोगों में जागरूकता बढ़ाने में काफी मदद मिलेगी। विशेषज्ञों की सलाह है कि किसी अनजान शख्स के साथ या फोन पर आया OTP बिना सोचे शेयर न करें। बैंक या पेमेंट अॅप का कोई शक वाला मैसेज आए तो फौरन अपना खाता चेक करें और जरूरत पड़े तो पेमेंट तुरंत ब्लॉक कर दें।

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