एक साल में 75 लाख पेड DTH ग्राहक घटे, OTT और IPTV की तरफ बढ़ रहे लोग
TRAI की नई रिपोर्ट के मुताबिक देश के 4 बड़े DTH ऑपरेटरों के ग्राहक 13.4 टक्के घटकर 30 जून 2026 तक करीब 4.85 करोड़ रह गए।
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देश में पेड DTH टीवी सेवा देने वाली कंपनियों के लिए पिछला एक साल अच्छा नहीं रहा। इस दौरान इन ऑपरेटरों के करीब 75 लाख (7.51 मिलियन) ग्राहक कम हो गए। यानी एक साल के अंदर 75 लाख लोगों ने अपना DTH कनेक्शन बंद करने का फैसला किया।
सिर्फ टीवी ही नहीं, रेडियो पर भी असर दिख रहा है। अप्रैल से जून की तिमाही में निजी FM रेडियो को विज्ञापनों से होने वाली कमाई में भी गिरावट आई है। इससे साफ है कि टीवी देखने का पुराना चलन और उसका क्रेज धीरे-धीरे कम हो रहा है।
टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) की नई रिपोर्ट के मुताबिक देश के 4 प्रमुख DTH ऑपरेटरों के ग्राहकों की संख्या में 13.4 टक्के की गिरावट दर्ज हुई है। एक साल पहले इनके ग्राहक करीब 5.6 करोड़ से ज्यादा थे। 30 जून 2026 तक यह संख्या घटकर करीब 4.85 करोड़ रह गई। गिरावट का यह सिलसिला अभी थमा नहीं है।
इसकी वजह क्या है? सबसे बड़ा कारण सस्ता हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड इंटरनेट और OTT प्लेटफॉर्म की बढ़ती लोकप्रियता है। आज लोग अपनी पसंद का कंटेंट जब चाहें और जहां से चाहें देखना पसंद करते हैं, जबकि DTH में तय समय पर तय शो ही देखना पड़ता है। इसके अलावा स्मार्ट टीवी और स्मार्ट स्टिक की वजह से लोग सीधे इंटरनेट पर चलने वाले IPTV और स्मार्ट ऐप पैकेज की तरफ जा रहे हैं, जिनकी कीमत DTH रिचार्ज के मुकाबले बजट के लिहाज से ज्यादा सही बैठती है। वहीं जिन्हें सिर्फ मुफ्त चैनल देखने हैं, वे DD फ्री डिश पर शिफ्ट हो रहे हैं। इससे भी DTH ग्राहकों की संख्या घट रही है।
ऑपरेटरों की बात करें तो रिपोर्ट के मुताबिक टाटा प्ले 1.48 करोड़ सब्सक्राइबर के साथ सबसे बड़ा ऑपरेटर बनने की ओर बढ़ रहा है। भारती टेलीमीडिया 1.35 करोड़ सब्सक्राइबर के साथ दूसरे नंबर पर है। सन डायरेक्ट 1.09 करोड़ सब्सक्राइबर के साथ तीसरे और डिश टीवी इंडिया 2 लाख 10 हजार सब्सक्राइबर के साथ चौथे स्थान पर है।
एक बात ध्यान रखने की है कि इन आंकड़ों में प्रसार भारती की फ्री DTH सर्विस DD फ्री डिश के सब्सक्राइबर शामिल नहीं हैं। टेलीविजन डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफॉर्म के चुनिंदा ऑपरेटरों ने 30 जून तक 9.67 करोड़ एक्टिव सब्सक्राइबर होने की जानकारी दी। इसमें वे सब्सक्राइबर भी गिने गए हैं जो 90 दिन तक इनएक्टिव रहे या जिनकी सर्विस कुछ समय के लिए सस्पेंड की गई थी।
इस कुल संख्या में DTH के 4.85 करोड़ सब्सक्राइबर थे। इसके बाद केबल (मल्टी-सिस्टम ऑपरेटर यानी MSO) 3.72 करोड़ के साथ दूसरे नंबर पर रहा। इंटरनेट प्रोटोकॉल टेलीविजन (IPTV) के 62.1 लाख सब्सक्राइबर थे, जबकि हेडएंड-इन-द-स्काई (HITS) ऑपरेटरों के 47.2 लाख सब्सक्राइबर बताए गए हैं।
इंटरनेट के जरिए टीवी चैनल और वीडियो कंटेंट दिखाने वाले IPTV सेगमेंट में भारती एयरटेल 40.9 लाख सब्सक्राइबर के साथ पहले स्थान पर रहा। उसके बाद हैथवे डिजिटल 12.8 लाख यूजर के साथ दूसरे नंबर पर रहा। यह भी ध्यान रहे कि ये आंकड़े सभी कंपनियों को नहीं गिनते, बल्कि सिर्फ चुनिंदा ऑपरेटरों की दी हुई जानकारी पर आधारित हैं।