नागपुर में रिटायर्ड वैज्ञानिक से 8 लाख की साइबर ठगी, पुलिस और सीबीआई बनकर डराया
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नागपुर के न्यू मनीषनगर में रहने वाले एक सेवानिवृत्त वैज्ञानिक से साइबर ठगों ने 8 लाख रुपये ऐंठ लिए। आरोप है कि ठगों ने खुद को पुलिस और सीबीआई का अधिकारी बताया, सेक्स रैकेट में फंसाने और गिरफ्तारी का डर दिखाया और इसी डर के दम पर यह रकम ट्रांसफर करवा ली।
इस मामले में बेलतरोड़ी पुलिस ने न्यू मनीषनगर निवासी माधव धोंडू नंदेश्वर की शिकायत पर मामला दर्ज किया है। शिकायत के मुताबिक आरोपियों ने माधव और उनकी पत्नी को लगातार मानसिक दबाव में रखा और उसी दबाव में पैसे भिजवाए गए।
जानकारी के अनुसार, सब कुछ 8 अक्टूबर को शुरू हुआ, जब माधव के मोबाइल पर एक अनजान नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने दावा किया कि बेंगलुरु के एक पुलिस स्टेशन में उनके मोबाइल नंबर से लड़कियों को अश्लील वीडियो भेजने की 18 शिकायतें दर्ज हैं।
इसके बाद वीडियो कॉल आया, जिसमें पुलिस की वर्दी पहने एक व्यक्ति ने जांच के नाम पर उन्हें धमकाया। आरोपियों ने कहा कि नंदेश्वर का मोबाइल नंबर सेक्स रैकेट में इस्तेमाल हुआ है और उनके आधार कार्ड समेत दूसरे दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल करके बैंक खाते खोले गए हैं।
गिरफ्तारी का डर दिखाकर आरोपियों ने नंदेश्वर और उनकी पत्नी को दबाव में बनाए रखा। खुद को सीबीआई और सीआईडी का अधिकारी बताने वालों ने उनसे निजी जानकारी और संपत्ति का ब्योरा भी हासिल कर लिया।
फिर 13 अक्टूबर को आरोपियों ने माधव से कहा कि वे अपने बैंक खाते से पैसे ट्रांसफर करें। उनके कहने पर माधव ने मनीषनगर-बेसा स्थित भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के खाते से तेलंगाना में कोटक महिंद्रा बैंक के राजुरी कल्याण के खाते में 8 लाख रुपये भेज दिए। आरोपियों ने भरोसा दिया था कि यह रकम तीन दिन में लौटा दी जाएगी।
रकम भेजे जाने के बाद आरोपियों की तरफ से 20 लाख रुपये की और मांग की गई। इसी मांग से माधव को शक हुआ और धोखाधड़ी का मामला सामने आया।
पूरे मामले में पहले फोन के पांच दिन बाद पैसे ट्रांसफर हुए। इस दौरान पुलिस की वर्दी, वीडियो कॉल और सीबीआई व सीआईडी के नाम का इस्तेमाल करके पीड़ित पर एक के बाद एक दावों से दबाव बनाया गया। बेलतरोड़ी पुलिस ने शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है।