पुणे में पेंशन कार्ड के मैसेज की लिंक खोलते ही बुजुर्ग के खाते से 4.81 लाख रुपये उड़े
पाषाण के 70 साल के बुजुर्ग ने व्हॉट्सऐप पर आई लिंक में बैंक की गोपनीय जानकारी भरी और खाते से 4 लाख 81 हजार रुपये निकल गए। बाणेर पुलिस स्टेशन में केस दर्ज है।
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पुणे में साइबर ठगी का एक और मामला सामने आया है। सायबर ठगों के नए-नए तरीके रोज बढ़ रहे हैं और अब बुजुर्गों को खास तौर पर निशाना बनाया जा रहा है। पाषाण इलाके में रहने वाले 70 साल के एक बुजुर्ग ने पेंशन कार्ड के रजिस्ट्रेशन के नाम पर आए व्हॉट्सऐप मैसेज पर भरोसा कर लिया, और इसकी कीमत उन्हें लाखों रुपये गंवाकर चुकानी पड़ी। उनके खाते से 4 लाख 81 हजार रुपये निकल गए।
पुलिस की दी जानकारी के मुताबिक शिकायतकर्ता दिलीप एकनाथ वाईकर (70 साल, निवासी पाषाण, पुणे) को 8 से 9 सितंबर 2026 के बीच व्हॉट्सऐप पर एक मैसेज मिला था। इस मैसेज में पेंशन कार्ड रजिस्टर कराने का लालच दिया गया था।
मैसेज के झांसे में आकर वाईकर ने उसकी लिंक खोली और उसमें मांगी गई बैंक खाते से जुड़ी सारी गोपनीय जानकारी भर दी। जानकारी भरते ही उन्हें पता चला कि उनके खाते से 4 लाख 81 हजार रुपये की बड़ी रकम उनकी जानकारी के बिना गायब हो चुकी है। ठगी का अहसास होते ही वे तुरंत पुलिस के पास पहुंचे।
इस मामले में बाणेर पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया है। पुलिस फिलहाल सायबर सेल की मदद से अज्ञात आरोपी की तलाश कर रही है।
एक दूसरी घटना कोथरूड इलाके की है, जहां डॉक्टर की अपॉइंटमेंट के बहाने एक महिला से 59 हजार 400 रुपये की ऑनलाइन ठगी हुई। विनिता विनोद कुलकर्णी (64 साल, रहने वाली गौरीहर सोसायटी, डावी भुसारी कॉलनी, कोथरूड) से एक अनजान व्यक्ति ने व्हॉट्सऐप पर संपर्क किया। उसने खुद को रूबी हॉल अस्पताल से बोलने वाला बताया और अपॉइंटमेंट देने का वादा किया। इसी बहाने उनके साथ आर्थिक ठगी की गई। इस मामले में कोथरूड पुलिस स्टेशन में केस दर्ज है।
बुजुर्गों को साइबर ठगी से बचाने के लिए पांच बातें याद रखना जरूरी है। पहली बात, व्हॉट्सऐप, टेक्स्ट मैसेज या सोशल मीडिया पर पेंशन, सरकारी योजना या लॉटरी के नाम से आई किसी भी अनजान या संदिग्ध लिंक पर गलती से भी क्लिक न करें। दूसरी बात, कोई सरकारी दफ्तर, बैंक या पेंशन विभाग फोन पर या मैसेज की लिंक के जरिए आपका बैंक खाता नंबर, पासवर्ड, पिन, एटीएम कार्ड या OTP कभी नहीं पूछता, इसलिए ऐसी गोपनीय जानकारी किसी को न दें।
तीसरी बात, किसी सरकारी योजना का फायदा लेना हो या रजिस्ट्रेशन कराना हो, तो संबंधित विभाग की अधिकृत सरकारी वेबसाइट (.gov.in) पर ही जाएं और किसी भी मैसेज पर सीधे भरोसा न करें। चौथी बात, मोबाइल पर लालच देने वाला या संदिग्ध मैसेज आए, तो कोई कदम उठाने से पहले घर के युवा सदस्यों या रिश्तेदारों को दिखाकर तसल्ली कर लें।
पांचवीं बात, अगर गलती से ठगी हो ही जाए, तो घबराएं नहीं। फौरन साइबर क्राइम की हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करके शिकायत दर्ज कराएं, या www.cybercrime.gov.in पोर्टल पर मदद लें।