मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट
18:58 IST

साहिल वाकोडे की मौत के बाद आईआईटी बॉम्बे हॉस्टल के नियमों में बदलाव करेगा

आईआईटी बॉम्बे में बी.टेक स्टूडेंट साहिल वाकोडे की आत्महत्या के बाद संस्थान ने हॉस्टल और काउंसलिंग व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी शुरू कर दी है।

साहिल वाकोडे की मौत के बाद आईआईटी बॉम्बे हॉस्टल के नियमों में बदलाव करेगा
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

आईआईटी बॉम्बे कैंपस से सामने आई एक बेहद दुखद घटना ने पूरे देश की शिक्षा जगत को हिला दिया है। २० साल के बी.टेक स्टूडेंट साहिल वाकोडे ने आत्महत्या कर ली थी, और इस घटना के बाद संस्थान में स्टूडेंट्स के मेंटल हेल्थ और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस हादसे के बाद आईआईटी बॉम्बे प्रशासन हरकत में आ गया है और स्टूडेंट्स की चिंता दूर करने के लिए कई बड़े और दूरगामी कदम उठाने की तैयारी में जुटा है।

आईआईटी बॉम्बे की तरफ से आयोजित एक 'ओपन हाउस' प्रोग्राम में प्रशासन और स्टूडेंट्स के बीच खुलकर बातचीत हुई। इस मीटिंग में स्टूडेंट्स का मानसिक तनाव कम करने और उन्हें बेहतर माहौल देने के लिए कई प्रस्तावों पर विचार किया गया। कैंपस के अंदरूनी माहौल को सुधारने के लिए प्रशासन सिर्फ कागजी दावों तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि असल में ठोस बदलाव लाने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है।

हॉस्टल के नियमों में सबसे बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। अभी तक संस्थान में सिर्फ पहले साल के स्टूडेंट्स को ही शेयरिंग रूम मिलता था। सीनियर होते ही उन्हें सिंगल रूम दे दिया जाता था। लेकिन अब यह पॉलिसी बदली जाने वाली है। आगे बनने वाले नए हॉस्टल में 'ट्विन-शेयरिंग मॉडल' की स्कीम पर विचार चल रहा है। यानी अब आईआईटी बॉम्बे सीनियर स्टूडेंट्स के लिए भी इस मॉडल को लागू करने पर सोच रहा है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अकेले रहने की वजह से कई बार स्टूडेंट्स डिप्रेशन या अकेलेपन के शिकार हो जाते हैं। ऐसे में रूममेट साथ होने पर उन्हें मानसिक सहारा मिलता है और वे अपनी फीलिंग्स एक-दूसरे से शेयर कर पाते हैं।

स्टूडेंट्स के मेंटल हेल्थ को प्राथमिकता देते हुए आईआईटी बॉम्बे ने काउंसलिंग सर्विस का दायरा भी काफी बढ़ा दिया है। घटना के फौरन बाद डीन ऑफ स्टूडेंट अफेयर्स ने स्टूडेंट्स को ईमेल भेजकर बताया कि कैंपस के ६ मुख्य हॉस्टल और स्टूडेंट वेलनेस सेंटर में काउंसलिंग के घंटे बढ़ा दिए गए हैं। इससे स्टूडेंट्स को जब भी जरूरत पड़े, तुरंत मदद मिल सकेगी।

इसके अलावा आईआईटी बॉम्बे ने अपनी पुरानी पॉलिसी दोबारा साफ करते हुए स्टूडेंट्स को भरोसा दिलाया है कि वे कैंपस के बाहर भी अपनी पसंद के किसी भी प्रोफेशनल काउंसलर या एजेंसी की मदद ले सकते हैं। ऐसी बाहरी काउंसलिंग सर्विस पर होने वाला पूरा खर्च संस्थान उठाएगा। स्टूडेंट्स को उनके फैकल्टी मेंटर्स के जरिए इन सुविधाओं का फायदा उठाने के लिए खास तौर पर प्रोत्साहित किया जा रहा है।

इस स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन सिर्फ अपने स्तर पर फैसले नहीं ले रहा, बल्कि जमीनी हकीकत जानने के लिए फैकल्टी मेंबर्स और मेंटल हेल्थ एक्सपर्ट्स की भी मदद ली जा रही है। हाल ही में प्रशासन की तरफ से एक गूगल फॉर्म शेयर किया गया, जिसमें प्रोफेसरों और फैकल्टी मेंबर्स से स्टूडेंट्स का तनाव कम करने के लिए और कौन से बेहतर कदम उठाए जा सकते हैं, इस बारे में सुझाव मांगे गए। विभाग और संस्थान स्तर पर कई राउंड की मीटिंग भी हो चुकी है।

अभी कोई अपडेट नहीं

खबर छप चुकी है, लेकिन लाइव थ्रेड अभी शुरू नहीं हुआ। डेस्क कोई अपडेट डालते ही वह यहाँ दिखेगा।

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप You पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे