मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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18:01 IST

साहिल वाकोडे मौत केस: परीक्षा हॉल से हॉस्टेल तक 47 मिनट का हिसाब नहीं, आईफ़ोन 17 लॉक

IIT बॉम्बे के स्टूडेंट की मौत की जांच में क्राइम ब्रांच के सामने डिजिटल सबूतों को लेकर तकनीकी अड़चन आई है।

साहिल वाकोडे मौत केस: परीक्षा हॉल से हॉस्टेल तक 47 मिनट का हिसाब नहीं, आईफ़ोन 17 लॉक
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

IIT बॉम्बे के स्टूडेंट साहिल वाकोडे की मौत की जांच कर रही मुंबई क्राइम ब्रांच के सामने डिजिटल सबूतों को लेकर एक तकनीकी अड़चन खड़ी हो गई है। साहिल का आईफ़ोन 17 लॉक है, जिसकी वजह से उसमें मौजूद संभावित डिजिटल सबूतों तक पहुंचना मुश्किल हो रहा है। फोन के अंदर की जानकारी जांच के लिए काफी अहम मानी जा रही है, इसी वजह से क्राइम ब्रांच का पूरा ध्यान अब उसकी फॉरेंसिक जांच पर टिका है।

जांच एजेंसी साहिल के फोन का कॉल रिकॉर्ड, मैसेज, सर्च हिस्ट्री और बाकी डिजिटल एक्टिविटी खंगालना चाहती है। खासकर यह पता लगाया जा रहा है कि 18 सितंबर को परीक्षा के दौरान और उसके बाद उसने फोन इस्तेमाल किया था या नहीं, और उसने किसी से संपर्क किया था या नहीं।

इस केस में एक और अहम मुद्दा करीब 47 मिनट की टाइमलाइन है। जो सीसीटीवी फुटेज मिली है उसके मुताबिक साहिल दोपहर करीब 12.38 बजे परीक्षा हॉल से बाहर निकला था। लेकिन जांच में यह सामने आया है कि वह करीब 1.25 बजे हॉस्टेल के अपने कमरे में पहुंचा। परीक्षा हॉल और हॉस्टेल के बीच की दूरी को देखते हुए इस बीच के समय में वह ठीक कहां था, किससे मिला या कहां रुका, इसकी जांच की जा रही है।

क्राइम ब्रांच परीक्षा हॉल से हॉस्टेल तक के रास्ते की सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। इसके साथ ही साहिल का लैपटॉप भी जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जा चुका है। फोन का डेटा निकालने के लिए ज्यादा एडवांस डिजिटल फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की मदद लेने पर भी विचार किया जा रहा है।

यह केस शुरुआत में पवई पुलिस के पास था, बाद में इसे मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया। जांच के दौरान साहिल के साथ पढ़ने वाले स्टूडेंट, हॉस्टेल के दोस्त, परीक्षा से जुड़े लोग और कैंपस स्टाफ मिलाकर 20 से ज्यादा लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं।

फिलहाल जो सीसीटीवी फुटेज मिली है, लैपटॉप में मौजूद संभावित डिजिटल सबूत और फोन का डेटा, इन सबके आधार पर घटनाक्रम साफ करने की कोशिश की जा रही है। 18 सितंबर के उन 47 मिनट में ठीक क्या हुआ था, यह जांच का सबसे अहम सवाल बना हुआ है। जांच अभी जारी है, इसलिए मौत की वजह या पूरे घटनाक्रम को लेकर आखिरी नतीजा आधिकारिक जांच पूरी होने के बाद ही साफ हो पाएगा।

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