रुपये की गिरावट पर RBI गवर्नर बोले, डॉलर के मुकाबले रेट हम तय नहीं करते
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि आरबीआई डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत तय नहीं करता, उसका काम बाजार में स्थिरता रखना है।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया काफी नीचे चला गया, ऐसी खबरें हम अक्सर सुनते हैं। लोग यह सवाल भी बार-बार पूछते हैं कि RBI रुपये की कीमत को स्थिर रखने के लिए कुछ क्यों नहीं करता। इसी सवाल का जवाब अब खुद RBI के गवर्नर ने दिया है।
भारतीय रिजर्व बैंक यानी RBI के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने शुक्रवार को रुपये के बचाव में एक बयान जारी किया। एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने साफ कहा कि आरबीआई डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत तय नहीं करता। पिछले कुछ समय से रुपया कमजोर हो रहा है और उसी पृष्ठभूमि में उन्होंने यह बात कही।
संजय मल्होत्रा दिल्ली में एनडीटीवी वर्ल्ड समिट 2026 के एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे। वहां उनसे पूछा गया कि क्या रुपये की कीमत डॉलर की कीमत के आधार पर तय की जाती है। इसी सवाल के जवाब में उन्होंने रुपये का बचाव किया।
तो RBI गवर्नर ने आखिर कहा क्या? समिट में उन्होंने समझाया कि RBI का सबसे पहला मकसद विदेशी मुद्रा बाजार में स्थिरता बनाए रखना है। अगर रुपये में बहुत ज्यादा उतार-चढ़ाव आता है, या कोई रुपये की कीमत में होने वाले बदलाव का फायदा उठाने के लिए सट्टा लगाने की कोशिश करता है, तो RBI उस पर कार्रवाई कर सकता है।
रुपये की कीमत के बारे में उन्होंने कहा कि RBI रुपये को किसी खास कीमत पर टिकाए रखने की कोशिश नहीं करता। बाजार में अचानक होने वाले बदलाव और अस्थिरता को रोकने के लिए ही उसे ये कदम उठाने पड़ते हैं।
अब सवाल यह है कि इस वक्त रुपये की कीमत कितनी है। पिछले कुछ हफ्तों में भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले गिरकर करीब 97 रुपये प्रति डॉलर तक पहुंच गया था। रुपया पहली बार इतने कमजोर स्तर पर गया था।
इसके बाद रुपया संभला और लगातार 8 दिन कारोबार में मजबूती के साथ टिका रहा। इस दौरान उसने पिछले 4 महीनों का सबसे अच्छा ऊंचा स्तर छुआ। फिर गुरुवार को रुपये में गिरावट आई और वह एक डॉलर के 94.83 रुपये तक नीचे आ गया।
कमेंट
अभी कोई कमेंट नहीं। पहले आप लिखिए।