नागपुर ग्रेजुएट सीट: आधी गिनती में वंजारी आगे, नतीजा बुधवार सुबह तक खिसकने के आसार
मानकापुर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में चल रही गिनती में कांग्रेस के अभिजीत वंजारी करीब 7,000 से 8,000 वोट से भाजपा के सुधाकर कोहले से आगे हैं।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
नागपुर, 27 अक्टूबर: नागपुर संभागीय ग्रेजुएट निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव की गिनती मानकापुर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में चल रही है। शुरुआती रुझानों ने भाजपा की चिंता बढ़ा दी है। करीब आधे वोट गिने जा चुके हैं और कांग्रेस उम्मीदवार व विधायक अभिजीत वंजारी ने भाजपा के सुधाकर कोहले पर करीब 7,000 से 8,000 वोट की बढ़त बना ली है।
प्रशासन के मुताबिक कुल 84 टेबल पर गिनती हो रही है। शुरुआत पोस्टल बैलेट की गिनती से हुई। कुल 238 पोस्टल वोट में से 34 वोट अमान्य निकले। पोस्टल बैलेट में इतने अमान्य वोट देखकर यह अंदेशा है कि आम बैलेट पेपर में भी अमान्य वोट काफी हो सकते हैं। इसी वजह से पहली पसंद के वोट पर जीत के लिए जरूरी कोटा अभी तय नहीं हो पाया है।
कोटा और दूसरी पसंद की गिनती की अड़चन
इस चुनाव में पड़े कुल वोट के आंकड़ों के हिसाब से जीतने के लिए किसी उम्मीदवार को पहली पसंद के करीब 80,000 वोट का कोटा पाना होगा। लेकिन मुकाबला बेहद कांटे का है और अमान्य वोट भी बड़ी तादाद में निकल सकते हैं, इसलिए सिर्फ पहली पसंद के वोट से किसी के चुने जाने की संभावना कम मानी जा रही है।
नियमों के तहत अगर पहली पसंद में कोई भी उम्मीदवार कोटा तक नहीं पहुंचता, तो दूसरी पसंद के वोट गिनने पड़ेंगे। यह प्रक्रिया पेचीदा है और इसमें काफी वक्त लगता है। इसलिए चुनाव का अंतिम नतीजा बुधवार सुबह तक खिसकने की पूरी संभावना है।
भाजपा की प्रतिष्ठा दांव पर, मुख्यमंत्री ने नागपुर में डेरा डाला था
यह सीट भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन गई थी। पिछले चुनाव में अभिजीत वंजारी ने यह सीट भाजपा से छीनकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। पार्टी को वह हार आज तक चुभती रही है।
इसीलिए इस बार भाजपा ने बहुत बारीकी से रणनीति बनाई और हर तरह की सावधानी बरती कि कोई झटका न लगे। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस खुद दो दिन नागपुर में रुके, ताकि बागी नेता अनिल सोले को वापस पार्टी में लौटने के लिए मनाया जा सके। उन्हें समझाने के लिए वे सोले के घर तक गए।
गिनती केंद्र पर दोनों मुख्य उम्मीदवारों, भाजपा के सुधाकर कोहले और कांग्रेस के अभिजीत वंजारी, ने अपनी-अपनी जीत का पक्का भरोसा जताया है।
बागी उम्मीदवारों ने बिगाड़ा हिसाब
इस मुकाबले में सबसे बड़ा फैक्टर शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के बागी उम्मीदवार नितेश कराले बने हैं। कराले का दावा है कि पहले ही राउंड में उन्हें 40,000 से 45,000 वोट मिलेंगे।
उन्होंने कहा कि यह दावा वोटिंग के बाद मिले लोगों से जुटाए आंकड़ों और फीडबैक पर टिका है। इसी आधार पर उन्होंने भरोसा जताया कि वे पहले ही राउंड में जीत जाएंगे।
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक कराले की उम्मीदवारी से दोनों बड़ी पार्टियों को नुकसान हो रहा है और आखिर में वही निर्णायक साबित हो सकते हैं।
अभी करीब 80,000 वोट गिनना बाकी है। अगर यही रुझान जारी रहा तो भाजपा को एक और झटका लगने से इनकार नहीं किया जा सकता। इस बात की चर्चा भी तेज हो रही है कि नतीजे घोषित होने के बाद भाजपा के भीतर की नाराजगी और असंतोष सामने आ सकता है।
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