अकोला में एसटी का यूपीआई टिकट पसंद कर रहे यात्री, 18 हजार 917 ने किया इस्तेमाल
अकोला डेपो में यूपीआई से टिकट कटाने वाले यात्री पिछले साल के मुकाबले 4 हजार 794 बढ़े हैं, खुले पैसों की किचकिच भी घटी है।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
एसटी बस में सफर करते वक्त यात्रियों और कंडक्टरों के बीच अक्सर कहासुनी हो जाती थी। कई बार इसकी वजह टिकट के लिए मांगे गए खुले पैसे होते थे। अब राज्य परिवहन महामंडल ने एसटी के सफर में डिजिटल लेनदेन शुरू किया है, और इससे झगड़े कम हुए हैं। अकोला डेपो में यूपीआई टिकट की सुविधा को यात्रियों से अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। हालांकि नेटवर्क की दिक्कत आने की शिकायतें भी कई बार बढ़ती दिखी हैं।
यूपीआई पेमेंट से टिकट कटाने वालों की गिनती लगातार बढ़ रही है, जिससे लेनदेन में पारदर्शिता भी आई है। कंडक्टर और यात्रियों के बीच होने वाली तू-तू मैं-मैं पर भी रोक लगती दिख रही है। फोन पे, गूगल पे, भीम ऐप और ऐसे ही दूसरे यूपीआई माध्यमों से टिकट कटाने का चलन अकोला जिले में लगातार बढ़ा है। पिछले दो महीनों, यानी मार्च से अप्रैल के आंकड़ों के मुताबिक, एसटी महामंडल में रोज लाखों की संख्या में यूपीआई लेनदेन कामयाबी से पूरे हुए।
एसटी की पहचान बनाने वाली लालपरी से लेकर शिवशाही और अब की आधुनिक, पर्यावरण के अनुकूल ई-ग्रीन बस सेवा तक, एसटी एयर कंडीशन और आरामदायक सफर तक पहुंच गई है। एसटी की ये सेवाएं यात्रियों को पसंद आ रही हैं। फिलहाल ई-बस सेवा यात्रियों के लिए खास आकर्षण बनी हुई है। इसी सेवा में यूपीआई, डिजिटल और ऑनलाइन टिकट को सबसे ज्यादा रिस्पॉन्स मिल रहा है।
अकोला एसटी महामंडल की जानकारी के मुताबिक सितंबर में कुल करीब 18 हजार 917 यात्रियों ने यूपीआई से टिकट कटाया। इसके तहत अकोला डेपो क्रमांक 1 में 1 लाख 89 हजार 255 रुपये का राजस्व जमा हुआ। आने वाले अप्रैल और मई में गर्मी की छुट्टियों की वजह से यात्रियों की गिनती बढ़ने की संभावना है, इसलिए यूपीआई लेनदेन से लाखों रुपये का राजस्व जमा होने की उम्मीद है।
पिछले साल की तुलना में भी बढ़ोतरी हुई है। अकोला विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, पिछले साल एसटी में सफर करने वालों में से 14 हजार 123 यात्रियों ने यूपीआई से भुगतान करके यात्रा की थी। उसके मुकाबले इस साल 4 हजार 794 यात्री ज्यादा हुए हैं और 18 हजार 917 यात्रियों ने यूपीआई का इस्तेमाल किया।
अकोला की विभागीय नियंत्रक स्मिता सुतवणे ने कहा कि यूपीआई से टिकट कटाने की सुविधा को यात्रियों का अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। खुले पैसों की दिक्कत दूर होने के साथ टिकट निकालने की प्रक्रिया ज्यादा आसान और पारदर्शी हो गई है। डिजिटल पेमेंट से यात्रियों का वक्त बचता है, और जेब में नकदी न हो तब भी टिकट लेना मुमकिन हो रहा है। उन्होंने कहा कि ज्यादा से ज्यादा यात्री इस सुविधा का फायदा लें।
कमेंट
अभी कोई कमेंट नहीं। पहले आप लिखिए।