रोशन गेट में अतिक्रमण हटाने पर हाईकोर्ट: महापालिका की कार्रवाई तय प्रक्रिया से हुई
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मुंबई हाईकोर्ट की छत्रपति संभाजीनगर खंडपीठ ने कहा कि रोशन गेट इलाके में महापालिका की कार्रवाई विहित कार्यपद्धति के मुताबिक थी। याचिकाकर्ता ने 50 लाख रुपये के मुआवजे की मांग की थी।
छत्रपति संभाजीनगर के रोशन गेट इलाके में महापालिका ने जो अतिक्रमण हटाया, वह तय प्रक्रिया के हिसाब से ही हुआ था। मुंबई हाईकोर्ट की छत्रपति संभाजीनगर खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान यह निरीक्षण दर्ज किया है।
यह मामला सईदा फरीदा अनिस मोहम्मद अनिस अहमद की याचिका से जुड़ा है। उन्होंने महापालिका की कार्रवाई को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उनका दावा था कि रोशन गेट इलाके की उनकी संबंधित प्रॉपर्टी पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से उन्हें नुकसान हुआ, और इसके बदले उन्होंने 50 लाख रुपये की भरपाई मांगी थी। सुनवाई में महापालिका ने कार्रवाई से पहले अपनाई गई प्रक्रिया की जानकारी कोर्ट के सामने रखी, जिसका कोर्ट ने संज्ञान लिया।
महापालिका का कहना है कि संबंधित अतिक्रमण करने वालों को पहले खुद अतिक्रमण हटाने का मौका दिया गया था। इसके लिए अखबार में जाहिर सूचना छापी गई। इतना ही नहीं, असल कार्रवाई से पहले लगातार तीन दिन तक लाउडस्पीकर से इलाके में ऐलान किया गया और लोगों से कहा गया कि वे अपना अतिक्रमण खुद हटा लें। महापालिका ने कोर्ट को बताया कि इसी प्रक्रिया के बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई।
प्रशासन ने यह भी साफ किया कि महाराष्ट्र महानगरपालिका अधिनियम की धारा 230 और 231 के तहत महापालिका को यह अधिकार है कि जो अतिक्रमण रास्ते में रुकावट बनते हैं, उनके खिलाफ वह बिना नोटिस दिए भी कार्रवाई कर सकती है।
महापालिका ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि सार्वजनिक जगहों और सड़कों को अतिक्रमण से मुक्त रखने और शहर का विकास नियोजन के साथ करने के लिए कानून के दायरे में रहकर कार्रवाई की जा रही है। सुनवाई के वक्त महापालिका की तरफ से संतोष वाहुळे के साथ वकील संभाजी टोपे और वकील वैभव देशमुख ने दलील पेश की।
अतिक्रमण निर्मूलन विभाग के प्रमुख संतोष वाहुळे ने कहा कि महापालिका शहर के विकास और सार्वजनिक हित की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उनके मुताबिक अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई करते समय कानूनी प्रावधानों का पालन किया जाएगा। उन्होंने अतिक्रमण करने वालों से अपील की कि वे खुद ही अतिक्रमण हटा लें, ताकि आगे होने वाले नुकसान से बचा जा सके।
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