सासवड में बनेगा देश का पहला रोड सेफ्टी रिसर्च और ट्रेनिंग सेंटर, सरनाईक ने देखा काम
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परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने पुणे जिले के सासवड में बन रहे रोड सेफ्टी ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टिट्यूट का दौरा किया और अधिकारियों को काम बेहतर रखने की हिदायत दी।
देश का पहला रोड सेफ्टी रिसर्च और ट्रेनिंग सेंटर (Road Safety Training and Research Institute) पुणे जिले की पुरंदर तहसील के सासवड में बनाया जा रहा है। इस बड़े प्रोजेक्ट का दौरा परिवहन मंत्री और धाराशिव जिले के पालकमंत्री प्रताप सरनाईक ने किया। उन्होंने मौके पर संबंधित अधिकारियों को जरूरी हिदायतें दीं, ताकि सेंटर अच्छे दर्जे का, आधुनिक और असरदार बने।
दौरे में सरनाईक ने तीन चीजों के काम का जायजा लिया। इनमें ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (ATS), ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक (ADTT) और प्रस्तावित रोड सेफ्टी ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टिट्यूट शामिल हैं।
यह पूरा प्रोजेक्ट सासवड की 25 एकड़ जगह पर खड़ा होगा। इससे गाड़ियों की तकनीकी जांच और ड्राइवरों का टेस्ट ज्यादा पारदर्शी, सटीक और वैज्ञानिक तरीके से हो सकेगा। ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन में सेंसर और कैमरों की मदद से गाड़ियों के ब्रेक, सस्पेंशन, लाइट और एमिशन की जांच की जाएगी। इससे गाड़ियों की फिटनेस जांच में लगने वाला वक्त घटेगा और सड़क पर दौड़ने वाली गाड़ियां ज्यादा सुरक्षित होंगी।
ड्राइवरों के लिए बने टेस्टिंग ट्रैक पर 8 के आकार का रास्ता, H आकार का रास्ता, चढ़ाई-उतराई और मोड़ वाले ट्रैक होंगे। इन अलग-अलग टेस्ट से ड्राइवरों की काबिलियत परखी जाएगी। टेस्ट आधुनिक तकनीक और वीडियो एनालिटिक्स की मदद से लिए जाएंगे, इसलिए लाइसेंस देने की प्रक्रिया ज्यादा निष्पक्ष और भरोसेमंद होगी।
राज्य रोड सेफ्टी ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टिट्यूट के जरिए मोटर वाहन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी जाएगी। यह ट्रेनिंग आधुनिक तकनीक, बदलते मोटर वाहन कानून, रोड सेफ्टी और ट्रैफिक मैनेजमेंट पर होगी। इससे विभाग की कार्यक्षमता बढ़ेगी और रोड सेफ्टी से जुड़ा काम ज्यादा असरदार होगा।
मंत्री प्रताप सरनाईक ने इस मौके पर निर्देश देते हुए कहा, "सड़क हादसे कम करने के लिए सिर्फ नियमों पर अमल काफी नहीं है, आधुनिक तकनीक, ट्रेंड मनुष्यबल और वैज्ञानिक नजरिया भी जरूरी है। सासवड का यह सेंटर देश के लिए आदर्श साबित हो, ऐसे दर्जे का बनाया जाना चाहिए।"
इस सेंटर से गाड़ियों की सुरक्षा, ड्राइवरों का हुनर और रोड सेफ्टी व्यवस्था की क्वालिटी बेहतर होने की उम्मीद है। महाराष्ट्र के रोड सेफ्टी क्षेत्र में यह प्रोजेक्ट एक अहम पड़ाव माना जा रहा है।
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