मुरासू तूफान का असर: महाराष्ट्र के कई जिलों में तीन दिन बारिश का अलर्ट
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मौसम विभाग ने सोमवार, मंगलवार और बुधवार के लिए अलग-अलग जिलों को बारिश की चेतावनी दी है। बंगाल की खाड़ी का मुरासू तूफान आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ रहा है।
बंगाल की खाड़ी में बना मुरासू चक्रवात अब तेज हो चुका है और उसका असर महाराष्ट्र के मौसम पर भी दिखने की संभावना है। राज्य के कुछ हिस्सों में अभी बारिश की फुहारें पड़ रही हैं। लेकिन यह बारिश हर जगह एक जैसी नहीं है। कुछ ही जिलों में इसका जोर ज्यादा रहने का अंदाजा है। मौसम विभाग ने सोमवार, मंगलवार और बुधवार, यानी तीन दिनों के लिए अलग-अलग जिलों को बारिश की चेतावनी दी है। इसलिए अगले कुछ दिन राज्य के लोगों को बारिश से जूझना पड़ सकता है।
सोमवार 2 नवंबर को पुणे जिले में तेज बारिश का अंदाज बताया गया है। रायगढ़, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग, कोल्हापुर, कोल्हापुर घाटमाथा, सातारा घाटमाथा, पुणे घाटमाथा, अहिल्यानगर, सांगली, सातारा, लातूर और धाराशिव जिलों में गरज के साथ बारिश हो सकती है। नांदेड़, नासिक घाटमाथा, सोलापुर और नासिक जिलों में बिजली कड़कने के साथ हल्की फुहारों का अंदाज है।
मंगलवार 3 नवंबर को सिंधुदुर्ग, कोल्हापुर, कोल्हापुर घाटमाथा, लातूर, नांदेड़, यवतमाल, चंद्रपुर और गढ़चिरौली जिलों के लिए बिजली के साथ बारिश की चेतावनी जारी हुई है। वहीं नासिक घाटमाथा, नासिक, पुणे घाटमाथा, सातारा घाटमाथा, रत्नागिरी, सांगली, सातारा, पुणे, अहिल्यानगर, सोलापुर, छत्रपति संभाजीनगर, जालना, परभणी, हिंगोली, बीड और धाराशिव जिलों में हल्की बारिश की संभावना है।
बुधवार 4 नवंबर को भी कई जिलों पर बारिश की चेतावनी बनी रहेगी। कोल्हापुर, कोल्हापुर घाटमाथा, वाशिम, यवतमाल, चंद्रपुर और गढ़चिरौली जिलों में बिजली कड़कने के साथ बारिश का अलर्ट है। रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग, नासिक घाटमाथा, नासिक, पुणे घाटमाथा, सातारा घाटमाथा, सातारा, सांगली, पुणे, अहिल्यानगर, सोलापुर, छत्रपति संभाजीनगर, जालना, बीड, धाराशिव, लातूर, हिंगोली, नांदेड़ और परभणी जिलों में हल्की फुहारों का अंदाज है।
अब बात मुरासू की। सोमवार तड़के यह तूफान पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर तेज चक्रवात में बदल गया। उस वक्त इसका केंद्र आंध्र प्रदेश के नेल्लोर से दक्षिण-पूर्व की ओर 160 किलोमीटर, चेन्नई से उत्तर-पूर्व की ओर 180 किलोमीटर, कावली से दक्षिण-पूर्व की ओर 180 किलोमीटर, ओंगोल से दक्षिण-पूर्व की ओर 210 किलोमीटर और मछलीपट्टनम से दक्षिण की ओर 240 किलोमीटर की दूरी पर था।
मौसम विभाग के मुताबिक यह तूफान उत्तर-पश्चिम की तरफ बढ़ सकता है। सोमवार रात 11.30 बजे से मंगलवार तड़के 4 बजे के बीच यह नेल्लोर और नरसापुर के बीच, ओंगोल के दक्षिण में, दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट से तेज चक्रवात के रूप में टकराने का अंदाज है। उस वक्त हवाओं की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी, जबकि झोंकों की रफ्तार 120 किलोमीटर प्रति घंटा तक जा सकती है।
तट पार करने के बाद तूफान की ताकत घटने की संभावना है। मंगलवार तड़के तक हवाओं की रफ्तार घटकर 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटा रह जाएगी और यह चक्रवात में बदल जाएगा। मंगलवार शाम तक ताकत और कम होकर तेज कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। फिर 4 नवंबर की तड़के तक यह कम दबाव के क्षेत्र में तब्दील हो जाएगा, ऐसा अंदाज मौसम विभाग ने दिया है।
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