दिवाली से पहले एसटी कर्मचारी उतरेंगे सड़क पर, 3 नवंबर से तीन चरणों में राज्यव्यापी आंदोलन
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महाराष्ट्र एसटी कर्मचारी संगठन ने पेंडिंग आर्थिक और दूसरी जायज मांगों के लिए 3 नवंबर 2026 से सभी एसटी डिपो में आंदोलन का ऐलान किया है।
दिवाली को सिर्फ दो दिन बचे हैं और ऐसे में राज्य परिवहन निगम के कर्मचारियों ने आंदोलन का रुख अपना लिया है। महाराष्ट्र राज्य मार्ग परिवहन निगम (MSRTC) के कर्मचारियों की पेंडिंग आर्थिक और दूसरी जायज मांगें पूरी कराने के लिए महाराष्ट्र एसटी कामगार संगठन ने पूरे राज्य में आंदोलन का ऐलान किया है।
यह आंदोलन 3 नवंबर 2026 से शुरू होगा और तीन चरणों में चलेगा। संगठन ने चेतावनी दी है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, अनिश्चितकालीन धरना आंदोलन जारी रहेगा। राज्य के सभी एसटी डिपो में इसे अमल में लाया जाएगा।
महाराष्ट्र एसटी कामगार संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष संदीप शिंदे ने इसकी जानकारी दी। उनके मुताबिक एसटी कर्मचारियों के पेंडिंग आर्थिक सवालों और बाकी जायज मांगों की तरफ ध्यान खींचने के लिए संगठन ने यह आंदोलन प्लान किया है।
पहला चरण 3 नवंबर 2026 को होगा। इस दिन राज्य भर के सभी एसटी डिपो में घंटा बजाओ प्रदर्शन और तीखे प्रदर्शन किए जाएंगे। मकसद यह है कि कर्मचारियों की मांगों की तरफ प्रशासन का ध्यान जाए।
दूसरा चरण 4 नवंबर को होगा। उस दिन राज्य भर के एसटी डिपो में बड़ी गेट सभा और तीखे प्रदर्शन रखे गए हैं। इन्हीं के जरिए कर्मचारियों की मांगें सामने रखी जाएंगी।
तीसरे चरण में 5 नवंबर 2026 से अनिश्चितकालीन धरना आंदोलन शुरू होगा। संगठन ने साफ कहा है कि एसटी कर्मचारियों की मांगें पूरी होने तक यह आंदोलन चलता रहेगा।
मुंबई सेंट्रल में भी इस आंदोलन को लेकर खास कार्यक्रम रखा गया है। मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को दोपहर 1 बजे महाराष्ट्र एसटी कामगार संगठन के केंद्रीय कार्यालय के सामने बड़ा घंटा बजाओ प्रदर्शन, तीखा प्रदर्शन और गेट सभा होगी। इसके जरिए एसटी कर्मचारियों की पेंडिंग आर्थिक मांगों और दूसरे जायज सवालों की तरफ प्रशासन का ध्यान खींचा जाएगा।
इसके अलावा संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष संदीप शिंदे ने उम्मीद जताई है कि एसटी कर्मचारियों के जायज हक की इस लड़ाई में मीडिया साथ देगा और उनके सवालों को इंसाफ दिलाने में सहयोग करेगा।
राज्य भर के एसटी डिपो में होने वाले इस आंदोलन से एसटी कर्मचारियों की पेंडिंग मांगों का मुद्दा एक बार फिर गरमाने की संभावना है। हालांकि आंदोलन का एसटी बस सेवा पर ठीक-ठीक क्या असर पड़ेगा, इस बारे में संगठन के निवेदन में कोई साफ जानकारी नहीं दी गई है।
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