शेवगाव में अतिक्रमण पर भेदभाव का आरोप, नगरपरिषद ने 2 अक्टूबर से कार्रवाई का भरोसा दिया
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शेवगाव नगरपरिषद की मुख्याधिकारी विजया गाडघे ने कहा है कि बचे हुए सभी अतिक्रमण, बड़े व्यापारियों के भी, 2 अक्टूबर से हटाए जाएंगे।
अहिल्यानगर जिले के शेवगाव शहर में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कुछ दिन पहले प्रशासन ने आंबेडकर चौक से छत्रपति शिवाजी महाराज चौक के बीच अतिक्रमण हटाने की मुहिम चलाई थी। उसी कार्रवाई पर अब सवाल उठ रहे हैं।
वंचित बहुजन आघाडी के नेता किसन चव्हाण का आरोप है कि इस कार्रवाई में प्रशासन ने छोटे व्यापारियों और अमीर व्यापारियों के बीच साफ भेदभाव किया। चव्हाण पार्टी के राज्य उपाध्यक्ष भी हैं। उन्होंने इस बारे में अहिल्यानगर के जिलाधिकारी पंकज आशिया से सीधे लिखित शिकायत की है। साथ ही चेतावनी दी थी कि अगर प्रशासन ने सब पर बराबर कार्रवाई नहीं की तो वे अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे।
चव्हाण ने कहा, "प्रशासन ने कार्रवाई करते वक्त सिर्फ गरीब और छोटे टपरी वालों और खुदरा व्यापारियों को निशाना बनाया, जबकि अमीर और रसूख वाले व्यापारियों के पक्के अतिक्रमणों को जानबूझकर छोड़ दिया।" उन्होंने यह भी दोहराया कि अगर 2 अक्टूबर की कार्रवाई में भी टालमटोल हुई तो वे अदालत जाएंगे।
इन आरोपों और लोगों में बढ़ती नाराजगी को लेकर जब शेवगाव नगरपरिषद की मुख्याधिकारी विजया गाडघे से सीधे सवाल किए गए, तो प्रशासन में हलचल मच गई। गाडघे ने साफ कहा, "अतिक्रमण के मामले में किसी तरह की भेदभाव वाली कार्रवाई नहीं की जाएगी। शहर में जो भी अतिक्रमण बचे हैं, बड़े व्यापारियों के भी, उन्हें 2 अक्टूबर से मुहिम चलाकर हटाया जाएगा।" यह भरोसा उन्होंने खुद दिया।
इसी बीच सोनारपेठ इलाके की जमीनों की सरकारी नापजोख 2 नवंबर से होने वाली है। नगरपरिषद ने 2 अक्टूबर से कार्रवाई का जो भरोसा दिया है और यह नापजोख, दोनों को मिलाकर देखें तो शेवगाव में अतिक्रमण का मसला पूरी तरह निपटने के आसार दिख रहे हैं। नगरपरिषद के इस भरोसे के बाद अब प्रशासनिक स्तर पर असल कार्रवाई शुरू होने की तस्वीर साफ होती नजर आ रही है।
अब पूरे शेवगाव शहर की निगाह नगरपरिषद पर टिकी है। लोग देखना चाहते हैं कि प्रशासन सचमुच सब पर एक जैसी कार्रवाई करता है, या फिर बात सिर्फ कागजों तक ही रह जाती है। वंचित बहुजन आघाडी के सख्त रुख और बार-बार उठाए गए सवालों के बाद यह मामला शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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