मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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18:59 IST

छत्रपती संभाजीनगर: मंत्री के लोकार्पण के इंतजार में 34 एसी बस डेपो में खड़ी, महापालिका पर सवाल

छत्रपती संभाजीनगर में ओलेक्ट्रा कंपनी की 34 एसी सिटी बस चार साल के इंतजार के बाद डेपो पहुंचीं, लेकिन लोकार्पण न होने से आम लोगों को अभी भी सुविधा नहीं मिल पा रही।

छत्रपती संभाजीनगर: मंत्री के लोकार्पण के इंतजार में 34 एसी बस डेपो में खड़ी, महापालिका पर सवाल
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

छत्रपती संभाजीनगर शहर की आबादी लगातार बढ़ रही है और साथ ही ट्रैफिक का बोझ भी। ऐसे में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मजबूत करने की मांग काफी समय से उठ रही थी। रिक्शा में ज्यादा पैसे देकर भी ठूंस-ठूंस कर सफर करने वाले लोगों को उम्मीद थी कि एसी सिटी बस मिलने से राहत मिलेगी। लेकिन यह राहत फिलहाल टल गई है, क्योंकि ओलेक्ट्रा कंपनी की तरफ से महापालिका को मिली 34 एसी सिटी बस जाधववाडी बस डिपो में यूं ही खड़ी धूल फांक रही हैं।

चार साल तक पीछा करने के बाद ये बसें आखिरकार महापालिका के पास आईं। लेकिन अभी तक इनका लोकार्पण नहीं हुआ है और ये आम लोगों की सेवा में नहीं आ पाई हैं। इसी वजह से शहर के लोग पूछ रहे हैं कि आखिर ये एसी बस कब शुरू होंगी।

शहर तेजी से फैल रहा है, इसलिए स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम मजबूत करने के लिए 100 बस खरीदी गई थीं। लेकिन शहर की जरूरत के हिसाब से 400 से ज्यादा बसों की जरूरत बताई जाती है। इसी वजह से स्मार्ट सिटी के जरिए हैदराबाद की ओलेक्ट्रा कंपनी से 35 बस किराए पर लेने का करार किया गया था। इनमें से एक बस टेस्टिंग के लिए दी गई थी, लेकिन बाकी 34 बस देने में कंपनी लगातार देरी करती रही।

इस बीच स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट बंद हो गया, फिर भी महापालिका को ये बसें नहीं मिलीं। आखिरकार मौजूदा महापालिका आयुक्त अमोल येडगे ने जब कंपनी की जमा राशि जब्त करने की चेतावनी दी, तब जाकर पिछले महीने कंपनी ने 34 बस महापालिका के हवाले कीं।

बसें आने के बाद उनकी पासिंग प्रोसेस पूरी करके 17 सितंबर को मराठवाड़ा मुक्तिसंग्राम दिन के मौके पर लोकार्पण का प्लान बनाया गया था। लेकिन ऐन वक्त पर यह कार्यक्रम रद्द हो गया।

इसके बाद महापालिका प्रशासन ने कहा कि मुख्यमंत्री की अगली तारीख लेकर बसों का लोकार्पण किया जाएगा। लेकिन अब ग्रेजुएट मतदार संघ का चुनाव घोषित हो जाने से 31 अक्टूबर तक आचार संहिता लागू रहेगी। इस वजह से लोकार्पण के लिए वक्त मिलने का सवाल खड़ा हो गया है।

इसी वजह से आम लोगों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि सुविधा तैयार होने के बावजूद सिर्फ लोकार्पण के इंतजार में 34 नई एसी बस को डिपो में खड़ी रखना कहां तक सही है।

महापालिका आयुक्त अमोल येडगे ने बताया कि ओलेक्ट्रा कंपनी से महापालिका को 34 सिटी बस मिली हैं और इनकी पासिंग प्रोसेस पूरी होने के बाद इनका लोकार्पण किया जाएगा।

इस बीच एक और झटका सामने आया है। जहां प्राइवेट कंपनी की 34 एसी बस लोकार्पण के इंतजार में हैं, वहीं पीएम ई-बस योजना के तहत मिली 27 बसों को भी ब्रेक लग गया है। इन इलेक्ट्रिक बसों के लिए जरूरी चार्जिंग स्टेशन अभी तक तैयार नहीं हो पाया है। चार्जिंग स्टेशन बनाने की टेंडर प्रोसेस आचार संहिता की वजह से अटक गई है। चार्जिंग स्टेशन का काम पूरा होने के बाद पीएम ई-बस योजना के तहत महापालिका को 73 बस और मिलने वाली हैं।

यानी एक तरफ शहरवासी आधुनिक और एसी पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम मिलने का इंतजार कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ मौजूद बसें डिपो में खड़ी हैं। अब सबकी नजर इस पर है कि प्रशासन इन बसों को सड़क पर कब उतारेगा।

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