रोहित पवार का दावा: सुनेत्रा पवार को वित्त मंत्रालय नहीं मिलेगा, भाजपा पर लगाए आरोप
राष्ट्रवादी (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार ने कहा है कि सुनेत्रा पवार को वित्त मंत्रालय नहीं मिलेगा। उन्होंने किसानों की मदद और तुकाराम मुंढे की जांच पर भी बात रखी।
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राष्ट्रवादी शरद पवार गुट के विधायक रोहित पवार ने एक बार फिर भाजपा को निशाने पर लिया है। उन्होंने कहा है कि उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को अर्थमंत्री का पद नहीं मिलेगा। उनके इस बयान के बाद राजनीति में हलचल है।
पृष्ठभूमि यह है कि दिवंगत पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद उनके पास का अर्थमंत्री पद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने पास रखा है। इस पद को लेकर महायुति में खींचतान चलने की तस्वीर दिख रही है। राष्ट्रवादी कांग्रेस ने मुख्यमंत्री और भाजपा के नेताओं से अर्थमंत्री पद वापस देने की मांग की है। लेकिन अभी तक राष्ट्रवादी को यह पद नहीं मिला है।
इसी पर रोहित पवार ने कहा, "मैं भाजपा को बहुत अच्छे से जानता हूं। सुनेत्रा पवार को अर्थमंत्री पद नहीं मिलेगा। इसीलिए मैं भाजपा से दूर हूं।" उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अजित पवार के जाने के बाद भाजपा ने अर्थमंत्री पद चुपके से ले लिया है। रोहित पवार के मुताबिक अजितदादा को अपनी पार्टी के नेताओं से भी और भाजपा से भी न्याय नहीं मिला।
किसानों की मदद के मामले में भी रोहित पवार ने सरकार को घेरा। राज्य में सूखे के हालात हैं और किसानों के लिए पांच हजार रुपये की अग्रिम मदद का ऐलान हुआ है। रोहित पवार ने मांग की कि किसानों को जल्द से जल्द मदद दी जाए। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी, "किसानों को जल्द से जल्द मदद करो, वरना तुम्हें दिवाली मनाने नहीं देंगे।" उनका कहना था कि पांच हजार रुपये की मदद देकर सरकार किसानों को हल्के में ले रही है।
रोहित पवार ने बताया कि एमपीएससी आंदोलन और अपने निर्वाचन क्षेत्र के दौरे के बाद अब वे स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव के लिए सक्रिय होंगे।
विद्यार्थियों की शिकायतों और उनसे जुड़ी नियुक्तियों की जांच पर भी उन्होंने अपनी बात रखी। रोहित पवार ने कहा, "हमें तुकाराम मुंढे पर भरोसा है। विद्यार्थी उनसे मिलकर सबूत पेश करें। जांच से सच सामने आए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।" उन्होंने यही उम्मीद जताई।
अर्थ विभाग का मसला, किसानों की मदद का सवाल और जांच की मांग, इन तीन मुद्दों पर रोहित पवार ने सरकार को निशाना बनाया है। इससे राज्य का राजनीतिक माहौल फिर गरमाने की संभावना है।