अभिजीत दीपके की गिरफ्तारी पर रत्ना सिंह का सवाल, तिरंगा फहराने की अपील जुर्म कैसे
सीजेपी की कानूनी प्रमुख रत्ना सिंह ने कहा कि अभिजीत दीपके की गिरफ्तारी गैरकानूनी थी और एसईएम कोर्ट उन्हें छोड़े।
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दिल्ली पुलिस ने सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके को हिरासत में लेने के बाद गिरफ्तार कर लिया है। इस पर सीजेपी की कानूनी प्रमुख रत्ना सिंह ने एक ट्वीट के जरिए अपनी प्रतिक्रिया दी है।
रत्ना सिंह ने ट्वीट में लिखा कि एसईएम कोर्ट को अभिजीत दीपके को छोड़ देना चाहिए, क्योंकि उनकी गिरफ्तारी गैरकानूनी थी। उनके मुताबिक दीपके ने सिर्फ लोगों से तिरंगा फहराने की अपील की थी। रत्ना सिंह ने सवाल उठाया कि इसमें जुर्म आखिर कैसे हो सकता है।
उन्होंने आगे लिखा कि जिस तरह दीपके को उनके घर के बाहर से उठाया गया, उनके ठिकाने के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई और उनके वकीलों को भी उनसे मिलने नहीं दिया गया, उससे कानूनी प्रक्रिया और बुनियादी हक को लेकर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
मीडिया की खबरों के मुताबिक दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दीपके पर BNSS की धारा 126 और 170 के तहत कार्रवाई की है। इन प्रावधानों का इस्तेमाल शांति बनाए रखने और संज्ञेय अपराधों को होने से रोकने के लिए किया जाता है। उन्हें एसईएम कोर्ट के सामने पेश किया जाना है। सीजेपी की तरफ से बुलाए गए इस आंदोलन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और एसआईआर के इस्तीफे की मांग की गई थी। संगठन ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए।
इससे पहले सीजेपी के सदस्य सौरभ दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी हुई थी। उसके बाद अभिजीत दीपके ने दिल्ली के कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में "तिरंगा फहराओ" के नारे के साथ आंदोलन का ऐलान किया था। लेकिन शुक्रवार को आंदोलन से पहले ही पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। खबरों के मुताबिक दिल्ली पुलिस ने उन्हें एहतियातन हिरासत में लिया। सेंट्रल पार्क की तरफ जाते वक्त उन्हें पकड़ा गया। नेहा बोरा को भी मंडी हाउस में हिरासत में लिया गया।
शुक्रवार को दिल्ली पुलिस अभिजीत दीपके के घर पहुंची और उन्हें दो नोटिस दिए गए। नई दिल्ली की तरफ से दिल्ली पुलिस कानून के तहत एक नोटिस जारी हुआ, जिसमें उन्हें सेंट्रल पार्क न जाने का निर्देश दिया गया है, जहां CrPC की धारा 163 लागू है। दक्षिण-पश्चिम दिल्ली पुलिस ने दूसरा नोटिस जारी किया। उसमें बताया गया कि अभिजीत, आशुतोष और सौरव को एयरपोर्ट से एहतियातन हिरासत में लेकर अदालत में पेश किया गया, उन्हें बांधकर रखा गया है और अदालत ने उन्हें साल भर कोई गड़बड़ी न करने का आदेश दिया है।
शुक्रवार को दिल्ली पुलिस पूरी तैयारी में थी। कनॉट प्लेस, सेंट्रल पार्क और पूरे मध्य दिल्ली इलाके की किलेबंदी की गई थी। पूरे इलाके में 6,000 से ज्यादा दिल्ली पुलिस कर्मचारी तैनात थे। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की 220 कंपनियां तैयार थीं। सेंट्रल पार्क और राजीव चौक इलाके में 10 से ज्यादा नए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। कनॉट प्लेस, राजीव चौक, सेंट्रल पार्क, जंतर मंतर और पालिका बाजार समेत दिल्ली के प्रमुख इलाकों में पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात थे। सेंट्रल पार्क में सुरक्षा के सात स्तर लगाए गए थे और दूसरे जिलों से भी अतिरिक्त पुलिस बुलाई गई थी।