राजुरा में पिता का गला दबाकर खून करने के आरोप में 31 साल का बेटा गिरफ्तार
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
राजुरा पुलिस ने 59 साल के शंकर परशुराम काळे की मौत के मामले में उनके 31 साल के बेटे निखील शंकर काळे को गिरफ्तार किया है। निखील धिडसी, तहसील राजुरा का रहने वाला है। उस पर आरोप है कि उसने पिता का गला दबाकर उनकी जान ली। पुलिस के मुताबिक उसने इसे आत्महत्या जैसा दिखाने के लिए लाश के पास खरपतवारनाशक दवा की बॉटल रख दी थी।
शंकर काळे की लाश 20 मई 2025 को राजुरा पुलिस स्टेशन के इलाके में चार्ली के खेत में संदिग्ध हालत में मिली थी। बताया गया कि उनके मुंह से खून बह रहा था और ज़हरीली दवा की बदबू आ रही थी। इसी वजह से शुरू में इसे अकस्मात मौत माना गया। मृतक के बेटे की ही शुरुआती जानकारी के आधार पर राजुरा पुलिस स्टेशन में अकस्मात मौत की एंट्री की गई थी।
मौका-ए-वारदात देखने पर वहां छिड़काव वाली खरपतवारनाशक दवा मिली और मुंह के पास ज़हर का अंश दिखा। इसलिए शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या या ज़हर से मौत का लग रहा था। पुलिस ने लाश कब्जे में लेकर उपजिला अस्पताल राजुरा में पोस्टमार्टम करवाया। डॉक्टरों ने विसरा सुरक्षित रखकर केमिकल जांच के लिए भेजा। विसरा रिपोर्ट में शरीर के अंदर कोई ज़हर नहीं पाया गया।
उधर पोस्टमार्टम रिपोर्ट की बारीक बातों से जांच ने नया मोड़ लिया। उसमें गले की मांसपेशियों में चोट और हायॉइड हड्डी के अंदर की तरफ फ्रैक्चर की बात सामने आई। इसके बाद पुलिस ने मामले की नए सिरे से जांच शुरू की और डॉक्टरों की राय दोबारा मंगवाई। डॉक्टर शुभम श्रीवास्तव ने साफ मेडिकल राय दी कि मृतक ने ज़हर नहीं पिया था। उनके मुताबिक गला दबाने या फंदे पर लटकने से हायॉइड हड्डी टूटी और उसी से मौत हुई।
इस रिपोर्ट के बाद पुलिस ने मृतक के बेटे निखील से सख्ती से पूछताछ की। पुलिस के अनुसार उसने जुर्म कबूल कर लिया। पूछताछ में जो बात सामने आई, उसके मुताबिक घटना 19 मई 2025 की शाम करीब 7 बजे की है। घर से सोने की चेन गायब होने का शक जताते हुए निखील की मां मंदा काळे ने शंकर काळे के सामने निखील पर इल्ज़ाम लगाया था। इस पर बाप-बेटे में तेज़ झगड़ा हुआ और मारपीट भी हुई।
पुलिस का कहना है कि रात में शंकर काळे खेत की रखवाली के लिए चले गए, जबकि निखील गांव में ट्रैक्टर चलाकर रात 11 बजे घर लौटा। पिता की मारपीट का गुस्सा उसके मन में था और रात करीब 1 बजे वह खेत पहुंचा। आरोप है कि वहां सो रहे पिता से फिर बहस हुई और उसने गुस्से में उन्हें खाट पर गिराकर दोनों हाथों से गला दबा दिया।
पुलिस के मुताबिक पिता की मौत के बाद आरोपी ने सबूत मिटाने के लिए लाश को सुबाबूल के पेड़ के पास मेड़ पर रख दिया। खेत में पड़ी खरपतवारनाशक दवा की बॉटल लाकर पिता के मुंह पर दवा लगा दी और लोगों को गुमराह करने के लिए पूरा बनाव रचा। अपने किए पर परदा डालने के लिए उसने पुलिस में झूठी शिकायत भी दर्ज करवाई थी।
राजुरा पुलिस स्टेशन के पुलिस निरीक्षक नितीन चिंचोळकर के मार्गदर्शन में पुलिस ने आरोपी निखील शंकर काळे के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 103(1) (खून) और 240 (जुर्म छिपाना और झूठा सबूत देना) के तहत मामला दर्ज किया है। आगे की कार्रवाई तेज़ कर दी गई है। इस घटना से राजुरा तहसील में काफी सनसनी है।
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