पुणे के गहुंजे में बंद फ्लैट से 34 साल की मुग्धा देशमुख की लाश मिली
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
परिवार को लगता था कि वे लंदन में पढ़ाई कर रही हैं, लेकिन इमिग्रेशन रिकॉर्ड के मुताबिक वे अगस्त के आखिर में ही भारत लौट आई थीं। मौत की वजह अभी साफ नहीं है।
पुणे के गहुंजे इलाके की उच्चभ्रू लोढा बेलमोंडो सोसायटी के एक बंद फ्लैट में 34 साल की मुग्धा देशमुख की लाश मिली है। यह मामला बुधवार, 28 अक्टूबर की रात सामने आया। परिवार को अब तक यही लग रहा था कि मुग्धा लंदन में रहकर ऊंची पढ़ाई कर रही हैं।
मुग्धा की मौत किन हालात में हुई, इस पर सवाल उठ रहे हैं। इमिग्रेशन रिकॉर्ड के हवाले से बताया जा रहा है कि वे अगस्त 2026 के आखिर में ही ब्रिटेन से भारत लौट आई थीं। यानी परिवार जो समझ रहा था और असल में जो हालात थे, उनके बीच बड़ा फर्क निकला। इसी वजह से मामले का रहस्य और गहरा हो गया है।
मुग्धा छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका के रिटायर्ड मुख्य इंजीनियर अविनाश देशमुख की बेटी थीं। पति के निधन के बाद वे जुलाई 2025 में एमबीए की पढ़ाई के लिए लंदन गई थीं। वहां वे अकेली रहती थीं और पार्ट टाइम नौकरी भी करती थीं। इस दौरान वीडियो कॉल और मैसेज के जरिए माता-पिता से उनकी नियमित बात होती रहती थी।
जब मुग्धा से संपर्क नहीं हो पा रहा था, तो परिवार की चिंता बढ़ गई। छत्रपति संभाजीनगर की पुलिस ने ऑनलाइन फूड डिलीवरी के लेनदेन के आधार पर उनका पता लगाया। इसके बाद पुलिस की टीम गहुंजे की लोढा बेलमोंडो सोसायटी में उनके फ्लैट पर पहुंची।
फ्लैट का दरवाजा अंदर से बंद था और घर से बदबू आ रही थी। इसलिए पुलिस ने दरवाजा तोड़कर अंदर कदम रखा। बेडरूम में मुग्धा की सड़ी-गली हालत में लाश पड़ी मिली।
मिली जानकारी के मुताबिक 23 अक्टूबर को मुग्धा ने अपनी मां से फोन पर बात की थी। उन्होंने मां को बताया था कि वे नौकरी के इंटरव्यू के लिए जल्दी में हैं। परिवार से यह उनकी आखिरी बातचीत साबित हुई। अगले दिन शाम को माता-पिता ने उन्हें फोन लगाने की कोशिश की, तो उनका मोबाइल बंद मिला।
मुग्धा की मौत की सही वजह अभी तक साफ नहीं हुई है। उम्मीद की जा रही है कि पुलिस की जांच से आगे और जानकारी सामने आएगी।
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