मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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18:01 IST

पत्ते खेलने न देने पर सूरी घोंपी, चंद्रपुर कोर्ट ने आरोपी को उम्रकैद सुनाई

राजुरा के बामणवाडा में 2022 में हुई हत्या के मामले में चंद्रपूर जिला व सत्र न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।

पत्ते खेलने न देने पर सूरी घोंपी, चंद्रपुर कोर्ट ने आरोपी को उम्रकैद सुनाई
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

चंद्रपुर जिला व सत्र न्यायालय ने पत्ते न खेलने देने के मामूली विवाद में एक युवक की हत्या करने वाले आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। प्रमुख जिला व सत्र न्यायाधीश ए. के. लाहोटी ने 24 सितंबर 2026 को यह फैसला सुनाया।

यह मामला राजुरा तालुका के बामणवाडा गांव का है, जहां 11 दिसंबर 2022 की सुबह करीब 9 बजे यह वारदात हुई थी। पुलिस के मुताबिक आरोपी उस जगह पहुंचा था जहां कुछ लोग पत्ते खेल रहे थे, लेकिन मृतक युवक ने उसे पत्ते खेलने नहीं दिए। इसी बात से गुस्साए आरोपी ने वहां पानी फेंक दिया, जिसके बाद दोनों के बीच जोरदार झगड़ा हो गया। बताया जाता है कि झगड़े के दौरान आरोपी का गुस्सा इतना बढ़ गया कि उसने अपने पास रखी लोहे की सूरी सीधे मृतक युवक के पेट में घोंप दी, जिससे युवक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद राजुरा पुलिस स्टेशन में मिली रिपोर्ट के आधार पर भादंवि की धारा 302 और आर्म्स एक्ट की धारा 4, 25 के तहत अपराध पंजीकरण नंबर 500/2022 दर्ज कर आरोपी को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए सहायक पुलिस निरीक्षक प्रशांत साखरे ने तेजी से गहराई तक जांच की। उन्होंने घटना के प्रत्यक्षदर्शी गवाहों के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और मजबूत परिस्थितिजन्य सबूत जुटाकर समय रहते कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी। सुनवाई के दौरान सरकारी पक्ष की तरफ से सरकारी वकील एड. सिमा रामटेक और पी. जी. घट्टूवार ने आरोपी के खिलाफ पुख्ता दलीलें पेश करते हुए गवाही और सबूत कोर्ट के सामने रखे।

दोनों पक्षों की दलीलें और पेश किए गए सबूतों को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने आरोपी को भादंवि की धारा 302 के तहत दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही 5,000 रुपये जुर्माना भी लगाया गया, जुर्माना न भरने पर अतिरिक्त तीन महीने की साधारण कैद भुगतनी होगी।

इस केस को सही अंजाम तक पहुंचाने में कोर्ट पैरवी अधिकारी महिला पुलिस हवालदार ललिता शेंडे (बकल नंबर 155, राजुरा पुलिस स्टेशन) और चंद्रपुर दोषसिद्धी सेल की अहम भूमिका रही। यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक आयुष नोपानी, अपर पुलिस अधीक्षक ईश्वर कातकडे और राजुरा के उपविभागीय पुलिस अधिकारी के मार्गदर्शन में पूरी की गई।

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