राजुरा के चुनाला में चीतल का शिकार, तीन लोग वन विभाग की हिरासत में, 19 किलो मांस जब्त
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
राजुरा वन विभाग ने चुनाला परिसर में छापा मारकर चीतल का मांस पकाते तीन लोगों को हिरासत में लिया।
राजुरा वन विभाग ने चुनाला परिसर में कार्रवाई करते हुए चीतल के शिकार के मामले में तीन लोगों को हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई मंगलवार, 27 अक्टूबर की शाम को हुई। वन विभाग की जानकारी के मुताबिक मौके से कुल 19 किलो मांस जब्त किया गया है।
जब्त मांस में 15 किलो कच्चा और 4 किलो पकाया हुआ मांस शामिल है। शिकार के लिए इस्तेमाल किए जाने के शक में एक कुल्हाड़ी भी जब्त की गई। वन विभाग का कहना है कि राजुरा वन परिक्षेत्र के तहत आने वाले चुनाला नियत वनक्षेत्र में एक नर चीतल का शिकार करके उसके मांस को ठिकाने लगाया गया।
वन विभाग को राजुरा शहर से सिर्फ चार किलोमीटर दूर चुनाला परिसर में गोपनीय सूचना मिली थी। सूचना थी कि एक नर चीतल का शिकार करके उसका मांस बेचने और खाने के लिए छिपाकर रखा गया है। इसी जानकारी पर वन कर्मचारियों ने तुरंत उस जगह छापा मारा। कार्रवाई के वक्त आरोपी चीतल का मांस पका रहे थे, जबकि बाकी मांस बिक्री के इरादे से काटकर रखा गया था।
वन विभाग की टीम ने मौके से पिंटू गणपती राधी (50), सुरेश चिलमवार और रायमलू लिंगमवार को हिरासत में लिया। तीनों चुनाला के रहने वाले हैं। तलाशी के दौरान मौके से 15 किलो कच्चा मांस, 4 किलो पकाया हुआ मांस और शिकार में इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी बरामद हुई।
इस मामले में तीनों आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण कानून (Wildlife Protection Act) के तहत मामला दर्ज किया गया है। आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
यह कार्रवाई उपविभागीय वन अधिकारी मंगेश गिरडकर और वन परिक्षेत्र अधिकारी गजानन इंगले के मार्गदर्शन में की गई। कार्रवाई में क्षेत्र सहायक संजय गरमडे, वनरक्षक अंकिता नेवारे, गीता चव्हाण, मीनाक्षी सातपुते, तानाजी कामले, भोजराज दांडेकर, पवन मांदुलवार और मारोती चापले शामिल रहे। इनके साथ वन मजदूर गंगाधर मोहितकर, संतोष किनाके, बलदेव मेश्राम, नरेश निखाडे और गंगाधर सोपनकर ने भी हिस्सा लिया। इस कार्रवाई से वन्यजीव तस्करों में खलबली मची हुई है।
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