गुरूवार, 29 अक्टूबर 2026

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टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: आरोपियों का दावा, डराना था, जान से मारना नहीं

टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: आरोपियों का दावा, डराना था, जान से मारना नहीं तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
जुर्म PT24 टीम

मुंबई क्राइम ब्रांच की पूछताछ में मुख्य शूटर फूल सिंह और रेहान ने कहा कि मकसद सिर्फ दहशत फैलाना था। पुलिस इन दावों की जांच कर रही है।

अभिनेता टाइगर श्रॉफ से जुड़े फायरिंग मामले में अब एक नया और चौंकाने वाला मोड़ आया है। इस मामले के मुख्य शूटर फूल सिंह और रेहान ने पुलिस पूछताछ के दौरान दावा किया है कि उनका इरादा टाइगर श्रॉफ को जान से मारने का नहीं था। उनके मुताबिक यह गोलीबारी सिर्फ बॉलीवुड में अपनी दहशत बनाने और टाइगर को डराने के लिए की गई थी।

ये दावे मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच की गहन पूछताछ में सामने आए हैं। आरोपियों ने क्राइम ब्रांच के सामने यही बात कही है। अब तक ये सिर्फ उनके अपने बयान हैं, जिन्हें पुलिस परख रही है।

पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि जिस वक्त यह वारदात हुई, टाइगर श्रॉफ मैदान में फुटबॉल मैच खेल रहे थे। आरोपियों के बयान के मुताबिक उस समय टाइगर शूटर के बिल्कुल पास थे। खास बात यह है कि मैदान में खेलते हुए वे साफ नजर आ रहे थे और उनके आसपास कोई बाउंसर या सिक्योरिटी गार्ड तैनात नहीं था।

इसी बात को आधार बनाकर आरोपियों ने पुलिस से कहा कि अगर उन्हें टाइगर श्रॉफ को सच में मारना होता, तो वे फुटबॉल मैच के दौरान ही हमला कर देते, जब कोई सुरक्षा नहीं थी। उनका कहना है कि उन्हें सिर्फ बॉलीवुड में अपना खौफ फैलाना था और टाइगर को डराना था। इसी वजह से, उनके दावे के मुताबिक, उनसे यह गोलीबारी करने को कहा गया था।

शूटर फूल सिंह और रेहान के इन दावों की मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच इस वक्त गंभीरता से पड़ताल कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस पूरी साजिश के पीछे असल मास्टरमाइंड कौन है। साथ ही यह गोलीबारी किसके कहने पर की गई और इसके पीछे मुख्य मकसद क्या था, इन सारे सवालों की पुलिस अलग-अलग पहलुओं से जांच कर रही है।

फिलहाल आरोपियों की बातें उनके अपने दावे भर हैं और पुलिस ने इन्हें सही नहीं ठहराया है। जांच आगे बढ़ने पर ही साफ होगा कि इस वारदात के पीछे असल में क्या था और इसके पीछे कौन लोग थे।

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