शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026

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19:35 IST

पुणे में MPSC आंदोलन: सात में से तीन छात्रों ने तबीयत बिगड़ने पर अनशन तोड़ा

एस. एम. जोशी पुल पर नौवें दिन भी आंदोलन जारी है। किडनी पर असर के खतरे से तीन छात्रों ने उपवास छोड़ा, बाकी चार का अनशन चल रहा है।

पुणे में MPSC आंदोलन: सात में से तीन छात्रों ने तबीयत बिगड़ने पर अनशन तोड़ा तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

पुणे में महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (MPSC) के अध्यक्ष विवेक भीमनवार के इस्तीफे की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन नौवें दिन में पहुंच गया है। एस. एम. जोशी पुल पर चल रहे इस आंदोलन में अब एक अहम मोड़ आया है। अन्नत्याग उपवास पर बैठे सात छात्रों में से तीन ने अपना उपवास खत्म करने का फैसला किया है।

उपवास छोड़ने वालों में ऋषिकेश गांगर्डे, सोमनाथ चव्हाण और गजानन शेळके शामिल हैं। इन तीनों की तबीयत बिगड़ गई थी। उनकी किडनी पर असर पड़ने का खतरा पैदा हो गया था, इसी वजह से उन्होंने उपवास वापस लिया। आंदोलन के बाकी चार छात्रों का अन्नत्याग उपवास फिलहाल जारी है। आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें मान नहीं ली जातीं, वे आंदोलन खत्म नहीं करेंगे।

पिछले नौ दिनों से पुणे में MPSC के छात्र धरने पर हैं। आयोग के अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग पर कुछ छात्रों ने खाना-पीना छोड़ दिया था। उपवास की वजह से कुछ छात्रों की सेहत बिगड़ने लगी तो चिंता जताई जा रही थी। आखिरकार सेहत के खतरे को देखते हुए सोमनाथ चव्हाण, ऋषिकेश गांगर्डे और गजानन शेळके ने उपवास छोड़ दिया।

विधायक विश्वजीत कदम और एक छोटे बच्चे के हाथों दूध पीकर तीनों ने अपना उपवास पूरा किया। विधायक रोहित पवार ने बताया कि बुजुर्गों की अपील के बाद छात्रों ने यह फैसला लिया। तीन छात्रों ने भले ही उपवास छोड़ दिया हो, लेकिन आंदोलन की मुख्य मांगों पर आंदोलनकारियों का रुख पहले जैसा ही है।

राष्ट्रवादी कांग्रेस के शरद पवार गुट के विधायक रोहित पवार इस आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके उपवास छोड़ने वाले छात्रों की सेहत की जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि छात्रों की तबीयत बिगड़ गई थी और बुजुर्गों के कहने पर तीनों ने उपवास छोड़ा। रोहित पवार ने यह भी साफ किया कि MPSC अध्यक्ष विवेक भिमनवार के इस्तीफे की मांग पर आंदोलनकारी अड़े हुए हैं। छात्रों का कहना है कि मांगें माने बिना आंदोलन खत्म नहीं होगा।

इस बीच बताया जा रहा है कि पुलिस की तरफ से एस. एम. जोशी पुल खाली करने के निर्देश दिए गए हैं। इसलिए सबकी नजर इस पर है कि आंदोलन की जगह पर आगे क्या होता है।

आंदोलन के बीच युवक कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष शिवराज मोरे ने भी सरकार को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने MPSC छात्रों की मांगों पर जल्दी फैसला नहीं लिया तो अलका चौक में आंदोलन किया जाएगा। मोरे ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की मांगों को जानबूझकर नजरअंदाज कर रही है। उन्होंने बताया कि राज्य भर के युवक कांग्रेस कार्यकर्ताओं को दिल्ली में राहुल गांधी के आंदोलन में जाने के आदेश दिए गए हैं। साथ ही उन्होंने तीन छात्रों के सेहत की वजह से उपवास छोड़ने का जिक्र करते हुए आंदोलन की हालत की तरफ ध्यान दिलाया।

सात में से तीन छात्रों के उपवास छोड़ने के बाद भी बाकी चार छात्रों का अन्नत्याग उपवास चल रहा है। आंदोलन आगे किस दिशा में जाएगा, यह इस पर निर्भर करेगा कि छात्रों की मांगों पर सरकार और आयोग क्या रुख अपनाते हैं। पुणे के इस आंदोलन से MPSC की मांगों का मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है। छात्र और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले उम्मीदवार देख रहे हैं कि प्रशासन आगे कौन से कदम उठाता है।

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