कोरची के दंवडी स्कूल में कमरे कम, दो क्लास पेड़ के नीचे लग रही हैं
गडचिरोली के कोरची तालुका के दंवडी जिला परिषद स्कूल में 31 बच्चों के लिए सिर्फ दो कमरे हैं, इसलिए दो क्लास पेड़ के नीचे बैठती हैं।
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गडचिरोली जिले के कोरची तालुका में दंवडी गांव का जिला परिषद स्कूल इन दिनों कमरों की कमी से जूझ रहा है। एक तरफ डिजिटल पढ़ाई और आधुनिक सुविधाओं की बातें हो रही हैं, दूसरी तरफ इस स्कूल के बच्चों को पेड़ के नीचे बैठकर पढ़ना पड़ रहा है।
बेलगाव केंद्र के तहत आने वाले इस पीएम श्री जिला परिषद प्राथमिक स्कूल में पहली से पांचवीं तक की क्लास लगती हैं। कुल 31 बच्चे यहां पढ़ते हैं। उनके लिए स्कूल में सिर्फ दो कमरे हैं और दो ही शिक्षक हैं। पांच क्लास और दो कमरे होने की वजह से शिक्षकों को दो क्लास पेड़ के नीचे लेनी पड़ रही हैं।
पांचों कक्षाओं के बच्चों की पढ़ाई की जिम्मेदारी दो शिक्षकों पर है। कमरे कम होने से एक ही जगह पर कई क्लास एक साथ पढ़ानी पड़ती हैं। इससे शिक्षकों को पढ़ाने में दिक्कत होती है। बच्चों की पढ़ाई की क्वालिटी के साथ उनकी सुरक्षा का सवाल भी खड़ा हो गया है।
प्रधानाध्यापिका रेषमा कंगाले ने बताया कि स्कूल को और कमरों की जरूरत है। इसके लिए ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और ऊपर के स्तर पर पत्र लिखे जा चुके हैं। लेकिन उनके मुताबिक अब तक इस मांग पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
दंवडी गांव कोरची शहर से सिर्फ पांच किमी की दूरी पर है। स्कूल की यह हालत शिक्षा व्यवस्था में बुनियादी सुविधाओं पर सवाल खड़े करती है। नक्सल प्रभावित और दुर्गम इलाके के बच्चों को अच्छी सुविधाएं देने के लिए प्रशासन को फौरन ध्यान देने की जरूरत है।
अगर स्कूल को जरूरी कमरे नहीं मिले, तो हो सकता है कि अभिभावकों का सरकारी स्कूलों को देखने का नजरिया बदल जाए। आगे चलकर इसका असर बच्चों की संख्या पर भी पड़ सकता है। इसलिए मांग की जा रही है कि दंवडी स्कूल के लिए अतिरिक्त कमरों का निर्माण जल्द मंजूर किया जाए और बच्चों को सुरक्षित, पर्याप्त और अच्छी पढ़ाई की सुविधाएं मिलें।