गुरूवार, 8 अक्टूबर 2026

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14:44 IST

महाज्योति की चालनी परीक्षा आंबेगाव केंद्र पर रद्द, छात्रों की जांच और दोबारा मौके की मांग

आंबेगाव बुद्रुक सेंटर पर कंप्यूटर और तकनीकी दिक्कतों से परीक्षा समय पर शुरू नहीं हुई। छात्रों में गुस्सा है और जांच व दोबारा परीक्षा की मांग उठी है।

महाज्योति की चालनी परीक्षा आंबेगाव केंद्र पर रद्द, छात्रों की जांच और दोबारा मौके की मांग तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

पुणे के आंबेगाव बुद्रुक में बने परीक्षा केंद्र पर आज महाज्योति की चालनी परीक्षा के दौरान अफरातफरी मच गई। महाज्योति यानी महात्मा ज्योतिबा फुले संशोधन और प्रशिक्षण संस्था यह परीक्षा अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रशिक्षण-पूर्व तैयारी के लिए कराती है। छात्रों का कहना है कि केंद्र पर कंप्यूटर पूरे नहीं थे, ऊपर से तकनीकी दिक्कतें भी आती रहीं, इसलिए वे वक्त पर पेपर दे ही नहीं सके। नाराज़ छात्र बड़ी तादाद में केंद्र के बाहर इकट्ठा हो गए और अपना गुस्सा निकाला।

महाज्योति की आधिकारिक सूचना के हिसाब से 2026-27 के लिए यह चालनी परीक्षा 7 से 9 अक्टूबर 2026 के बीच होनी है। मगर आंबेगाव बुद्रुक के इस केंद्र पर तय वक्त पर परीक्षा शुरू ही नहीं हो पाई, जिससे छात्रों का काफी नुकसान हुआ। कंप्यूटर न होने की शिकायतों और इस गड़बड़ के बाद आखिर में इस केंद्र की परीक्षा रद्द कर दी गई।

महाज्योति के जरिए आर्थिक और सामाजिक तौर पर पिछड़े परिवारों के बच्चों को UPSC, MPSC, SSC, बैंकिंग और रेलवे जैसी परीक्षाओं की तैयारी का सहारा मिलता है। ऐसी परीक्षा के लिए बच्चे कई दिन तक पढ़ाई करते हैं। ऐसे में केंद्र के इंतजाम में कमी की वजह से अगर कोई छात्र पेपर से ही वंचित रह जाए, तो यह मामूली बात नहीं है। लोगों की मांग है कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ न किया जाए।

इस मामले में निष्पक्ष और ऊंचे स्तर की जांच की मांग उठ रही है। कहा जा रहा है कि केंद्र की जिम्मेदारी तय हो और जो भी आदमी या संस्था कसूरवार निकले, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। यह भी मांग है कि आंबेगाव केंद्र पर पेपर न दे पाने वाले किसी छात्र को नुकसान न उठाना पड़े। या तो उस केंद्र की परीक्षा अलग से दोबारा ली जाए, या सारे प्रभावित छात्रों को बराबरी का दूसरा मौका मिले। साथ ही महाज्योति प्रशासन से लिखित में भरोसा मांगा गया है कि इस तकनीकी गड़बड़ का नतीजों पर कोई बुरा असर नहीं पड़ेगा।

विधायक रोहित पवार ने भी छात्रों की यह बात उठाई है। बताया गया है कि OBC नेता विजय वडेट्टीवार ने इस बारे में महाज्योति के प्रबंध निदेशक से बात की। दावा है कि संस्था के प्रबंधन की तरफ से जवाब मिला कि आंबेगाव केंद्र की परीक्षा रद्द करके आगे की कार्रवाई की जाएगी।

मांग करने वालों का कहना है कि महाज्योति सिर्फ परीक्षा रद्द करके हाथ न झाड़ ले। आंबेगाव केंद्र पर हुई तकनीकी खराबी की जांच हो, केंद्र चुनने और उसे चलाने की जवाबदेही तय की जाए, और असर में आए सभी छात्रों की सरकारी सूची जारी हो। किसी छात्र का पैसे का नुकसान न हो। दोबारा परीक्षा की तारीख, वक्त और केंद्र की जानकारी भी जल्द से जल्द दी जाए। आगे ऐसी नौबत न आए, इसके लिए बाकी सभी परीक्षा केंद्रों की तकनीकी जांच भी कराई जाए।

राष्ट्रवादी कांग्रेस के नेता रोहन सुरवसे पाटील ने कहा कि छात्रों की मेहनत और उनके भविष्य को किसी भी हाल में कुर्बान नहीं होने देना चाहिए। उनके मुताबिक महाज्योति सामाजिक न्याय के मकसद से खड़ी की गई संस्था है, इसलिए परीक्षा की पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता, अच्छी योजना और छात्रों को सबसे आगे रखने वाला रुख दिखना चाहिए। उन्होंने कहा कि आंबेगाव के मामले में हर छात्र को इंसाफ मिलना चाहिए।

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